फुटकर कारोबारियों को फायदा
मंडी से कम कीमत पर खरीदा गया आम छांटकर फुटकर बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे फुटकर कारोबारियों को लाभ मिल रहा है। मौसम अनुकूल रहने और आपूर्ति बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में आम की उपलब्धता और बढ़ने की संभावना है। कारोबारियों का मानना है कि जुलाई के पहले पखवाड़े तक आवक बनी रहेगी। चौसा और लंगड़ा जैसी देर से आने वाली किस्मों की मांग भी बढ़ेगी।
कभी सासनी के आम का जलवा था
सासनी के नाम से बिकने वाला आम अब लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। किसी समय में यहां का आम प्रदेश ही नहीं, देश के कोने-कोने में बिकता था। यहां पैदा होने वाले आम की विभिन्न प्रजातियां ख्याति अर्जित कर चुकी हैं। 600 बीघा में फैला चंपा बाग काफी मशहूर था। जिसमें लंगड़ा, चौसा, दशहरी, फजीली जैसी आम की 20 किस्में पैदा होतीं थीं। सासनी के आसपास करीब 80 प्रतिशत भूमि में बागवानी थी, जो अब 20 प्रतिशत से भी कम रह गई है। भूजल स्तर में गिरावट आम की बागवानी कम होने का बड़ा कारण मानी जा रही है।