जिले के थानों में खड़े दुर्घटनाग्रस्त व क्षतिग्रस्त वाहनों के लिए अब आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर डंपिंग ग्राउंड बनाया जाएगा। दरअसल, इन वाहनों की वजह से थानों में अनावश्यक जगह घिरी हुई है। इसी वजह से प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। जिला प्रशासन और परिवहन विभाग द्वारा डंपिंग ग्राउंड के लिए भूमि के चयन के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। करीब डेढ़ एकड़ भूमि पर यह ग्राउंड बनेगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में वर्तमान में ढाई लाख से अधिक वाहन सड़कों पर चल रहे हैं। इसके अलावा जिले के सादाबाद, सिकंदराराऊ, सासनी, मुरसान, थाना हाथरस गेट, कोतवाली सदर आदि थानों में बाहर तक वाहन खड़े हैं। जगह न होने के कारण भी पुलिस-प्रशासन व एआरटीओ नियम तोड़ने वाले वाहनों को जब्त नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि थानों में वाहनों को खड़ा करने के लिए अब जगह नहीं बची है।
20 हजार वाहन कर चुके 15 साल की अवधि पूरी
जिले की सड़कों पर वर्तमान में करीब 20 हजार वाहन ऐसे हैं। जो 15 साल की अवधि पूरी कर चुके हैं। डंपिंग ग्राउंड के लिए भूमि चयन होने के बाद इन वाहनों को डंपिंग ग्राउंड में पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा जिन वाहनों पर कर बकाया है और जो वाहन बिना फिटनेस के चल रहे हैं, उनको भी जब्त कर डंपिंग ग्राउंड में खड़ा कराया जाएगा।
डेढ़ एकड़ भूमि पर डंपिंग ग्राउंड बनाया जाएगा। इसके लिए आगरा-अलीगढ़ बाईपास पर भूमि की तलाश की जा रही है। इस ग्राउंड में पुलिस व एआरटीओ द्वारा पकड़े जाने वाले वाहनों को खड़ा कराया जाएगा। साथ ही वहां सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल की तैनातली की जाएगी। डंपिंग ग्राउंड के लिए भूमि के चयन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
-नीतू सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी