जिले में स्थापित वन स्टॉप सेंटर बिछड़े लोगों को मिलाने का काम कर रहा है। सितंबर 2020 से सेंटर का संचालन शुरू हुआ है। तब से 470 मामले दर्ज हुए। सभी मामलों का निस्तारण कराने में वन स्टॉप सेंटर ने अहम भूमिका निभाई है।
सेंटर पर एक महिला द्वारा एक पीड़ित महिला को सेंटर में लाया गया। सेंटर प्रबंधक मनीषा भारद्वाज के नेतृत्व में केस वर्कर फरिहा नोशी एवं महिला पुलिस आरक्षी पूजा द्वारा समय-समय पर पीड़ित महिला की काउंसिलिंग की गई। महिला ने बताया कि भरतपुर राजस्थान में उसकी शादी हुई थी। उसके पति, उसके तीन पुत्री एवं एक बेटा है। वह राजस्थान के भरतपुर में रहते हैं। परिवार में क्लेश होने के कारण 22 अप्रैल को महिला घर से निकल आई थी। ससुराल जाने में डर रही हूं। सेंटर पर महिला के अंदर के भय को दूर करते हुए उसके पति एवं बच्चों को बुलाया गया।
पीड़िता के पति ने बताया कि वह और उसके बच्चे इतने दिनों से परेशान थे कि पता नहीं उसकी पत्नी कहां चली गई। अब किस अवस्था में होगी। सभी रिश्तेदारियों में जानकारी की और संबंधित थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी, परंतु आज तक किसी भी तरह की कोई सूचना नहीं मिली। पीड़िता अपने पति एवं बच्चों को देखकर बहुत खुश हुई। सेंटर प्रबंधक ने पति को घरेलू हिंसा न करने करने की हिदायत दी। महिला अपने बच्चे एवं पति के साथ खुशी-खुशी अपने घर चली गई। इस अवसर पर श्वेता सारस्वत, पूनम एवं वन स्टॉप सेंटर का स्टाफ मौजूद रहा। संवाद