हाथरस में खूंखार बंदरों का आतंक व्याप्त है। शहरी क्षेत्र के साथ -साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंदरों ने अपना आंतक फैला रखा है। बंदर लोगों को काफी आर्थिक नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। यहां तक कि लोगों ने घरों में बंदरों के घुसने को रोकने के लिए अपने घरों को जालों में कैद कर लिया है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक हाथरस शहर में लगभग आठ हजार बंदर हैं।
शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। यह बंदर लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। बाजारों में खरीदारी करने आए लोगों के हाथों से बंदर सामान छीन कर ले जाते हैं। बंदर घरों में घुस जाते हैं और लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। नगरपालिका द्वारा बंदरों को पकड़ने का अभियान नहीं चलाया गया है।
एक महीने में करीब 250 लोग हो रहे शिकार
खूंखार बंदर आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। बंदरों के हमले का शिकार होकर लोग उपचार के लिए जिला अस्प्ताल पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो एक महीने में लगभग 250 लोग बंदरों के हमले का शिकार होकर एआरवी लगवाने के जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।