बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की कतार
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अचानक तापमान बढ़ने से हीट स्ट्रोक (लू लगने) का खतरा बढ़ गया है। तेज धूप में बाहर निकलने पर लोग गर्मी के प्रकोप से बीमार होने लगे हैं। रामनवमी एक दिन के बाद खुले बागला संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में 1500 से अधिक मरीज पहुंचे। पर्चा, दवा और पैथोलॉजी काउंटर पर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। स्वास्थ्य विभाग ने भी गर्मी जनित बीमारियों से बचाव की सलाह जारी की है।
शरीर का अचानक तापमान बढ़ने पर लू लगने की संभावना रहती है। इससे बचने के लिए धूप में सिर को ढककर निकलें। मनुष्य के शरीर तापमान करीब 37 डिग्री सेंटीग्रेट के आसपास रहता है। धूप में निकलने के दौरान शरीर के तापमान में एकाएक बढ़ोतरी हो जाती है। ऐसे में शरीर के अंदर तापमान को सामान्य करने वाली प्रक्रिया काम करना बंद कर देती है। वर्तमान में तापमान 38 डिग्री के पार पहुंच गया है। अब इसका शिकार ज्यादातर बच्चे और ज्यादा उम्र के लोग हो रहे हैं। शहर के बागला जिला अस्पताल में इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। प्रतिदिन 30 से अधिक ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं।
जरूरत पड़ने पर ही धूप के बचाव के संसाधनों के साथ ही घर से बाहर निकलें। लू लगने पर मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं। -डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस बागला जिला अस्पताल।
लू से बचाव के लिए यह बरतें सावधानी
- तेज धूप में घर से बाहर निकलने से परहेज करें।
- जरूरत पड़ने पर छाता लेकर या सिर पर कपड़ा बांधकर निकलें।
- स्वच्छ पानी का अधिक से अधिक सेवन करें।
- पानी की बोतल अपने साथ रखें।
- घर से पूरा पानी पीकर ही बाहर निकलें।
- खान-पान का भी ध्यान रखें।
हीट स्ट्रोक के लक्षण व उपचार
- आंखों की पुतली अंदर घुस जाती है।
- बेहोश होकर आदमी अचानक गिर जाता है और मुंह सूखने लगता है, प्यास लगती है।
- हीट स्ट्रोक आने पर सबसे पहले गीले कपड़े से शरीर को पोंछें।
- जरूरत पड़ने पर बर्फ के साथ ठंडा पानी का उपयोग कर सकते हैं।
- मरीज को हवादार जगह पर लिटाएं।