सादाबाद और सहपऊ क्षेत्र में आलू की फसल की खोदाई शुरू हो गई है। आलू खेत से बाहर आया तो किसानों के चेहरे मुरझा गए। पिछले साल की अपेक्षा इस साल प्रति बीघा 10 क्विंटल तक आलू कम निकल रहा है। इस बार तापमान अधिक रहने और ठंड कम पड़ने को पैदावार में आई गिरावट की वजह माना जा रहा है।
इस वर्ष पिछले साल के घाटे को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की। उम्मीद थी कि इस बार फसल अच्छी होगी, लेकिन इस बार तो फसल पिछले साल से भी आधी रह गई।-जितेंद्र सिंह, सूमरा।
इस बार आलू काफी कम निकल रहा है। तापमान अधिक रहने की वजह से इस बार आलू जमीन के अंदर फूला ही नहीं है। कुछ दिनों में खोदाई में और अधिक तेजी आ जाएगी, तभी सही स्थिति पता चलेगी।-मूलचंद्र गौतम, सलेमपुर।विज्ञापन
खेत से आलू काफी कम निकल रहा है, ऐसे में तो लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो जाएगा। मौसम की मार इस बार पड़ी है और किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।-मनवीर सिंह, सलेमपुर।
किसान कभी प्राकृतिक आपदा झेलता है तो कभी किस्मत उनका साथ नहीं देती है। इस बार भी बंपर पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन फसल आते ही सब टूट गईं।-शिव सिंह, किसान।
इस वर्ष करीब 51 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुवाई हुई थी। अभी खोदाई शुरू हुई है। उत्पादन के आकलन के लिए टीम भेजी जाएंगी। इस आधार पर उत्पादन का निर्धारण हो सकेगा।-अनीता सिंह , जिला उद्यान अधिकारी।
आलू की पैदावार के अंकुरण के लिए 24-25 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए। आलू की वानस्पतिक वृद्धि के लिए 18-20 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए। इस बार जनवरी माह के अंत और फरवरी की शुरुआत में 25 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच गया और इस वजह से आलू में फुलाव कम हुआ।-डॉ. एसआर सिंह, कृषि वैज्ञानिक।