शहर के एक मेडिकल स्टोर पर रखीं आई ड्रॉप। संवाद
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कंजेक्टिवाइटिस नेत्र संक्रण का प्रकोप बढ़ने के बाद से ही आई ड्रॉप व ट्यूब का संकट गहरा गया है। बाजार में इनकी उपलब्धता कम होने से इनके दामों में भी उछाल आ गया है। अभी तक आसानी से एक रुपये में मिलने वाला टयूब अब दो से तीन रुपये में मिल रहा है। अभी तक जो आई ड्रॉप आठ से 10 रुपये में मिलती थी, उसे खरीदने के लिए भी ग्राहकों को 17 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि विक्रेताओं के यहां इन दवाओं की उपलब्धता घट गई है। कई जगहों से तो ग्राहकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि बीते एक महीने से नेत्र संक्रमण का प्रकोप चल रहा है। बागला जिला संयुक्त अस्पताल की ओपीडी के नेत्र रोग विभाग व शहर के निजी नेत्र रोग विशेषज्ञ के यहां हर दिन बड़ी संख्या में नेत्र संक्रमण के मरीज पहुंच रहे हैं।
दवा विक्रेताओं के यहां भी आई ड्रॉप और आंख में लगाने वाले ट्यूब की मांग बढ़ गई है। सस्ते और आसानी से मिलने वाले ड्रॉप और ट्यूब बाजार से पूरी तरह खत्म हो गए हैं। थोक दवा विक्रेताओं का कहना है कि बाजार में आई ड्रॉप व आंखों में डालने वाले ट्यूब की काफी कमी है। ऊपर से माल नहीं आ रहा है। जो माल आ रहा है, वह पहले से काफी महंगा हो गया है।
नेत्र संक्रमण के बाद से ही आई ड्रॉप व आई ट्यूब की कमी देखने को मिल रही है। कंपनियों से माल नहीं मिल पा रहा। अभी तक जिस आई ड्रॉप का थोक रेट आठ रुपये था, अब उसके दाम 17 रुपये पहुंच गए हैं।
-गौरव वर्मा, थोक दवा कारोबारी।
नेत्र संक्रमण के बाद से आई ड्रॉप का पुराना सभी स्टॉक खत्म हो गया है। लगातार आई ड्रॉप और आई ट्यूब की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। आई ड्रॉप और टयूब जैसे-जैसे उपलब्ध हो रहे हैं, वैसे ही ग्राहकों को भी दिए जा रहे हैं।
-आदेश बाबू, मेडिकल स्टोर संचालक