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Hathras Weather: बूंदाबांदी ने अटकाईं आलू-सरसों के किसानों की सांसें, अचानक बढ़ गई ठंड

Thu, 19 Feb 2026 12:06 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

मौसम में 18 फरवरी को अचानक आए बदलाव ने सासनी में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। आलू की खोदाई में जुटे किसान बूंदाबांदी से चिंतित नजर आए। किसानों को डर है कि यदि तेज बारिश हो गई तो न केवल आलू की खोदाई लेट हो जाएगी, बल्कि इसकी क्वालिटी भी खराब हो जाएगी, जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।
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बूंदाबांदी होने पर ट्रैक्टर में आलू की बोरियां लादते किसान - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस में मौसम ने 18 फरवरी सुबह अचानक करवट बदली। सुबह से ही घने बादल छाए रहे और शाम के समय बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे आलू और सरसों बोने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों को डर है कि यदि तेज बारिश हो गई तो न केवल आलू की खोदाई प्रभावित होगी, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। फूल झड़ने से सरसों की पैदावार में भी गिरावट आएगी।

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इस समय आलू की खोदाई शुरू हो चुकी है। खोदाई के दौरान बारिश या अधिक नमी होने से फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश होती है तो तैयार फसल को नुकसान हो सकता है और भंडारण में भी दिक्कतें आ सकती हैं। आलू का रंग और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। कृषि वैज्ञानिक डाॅ. बलवीर सिंह ने बताया कि फिलहाल बारिश की आशंका कम है। आलू की खोदाई का कार्य सुचारु रूप से जारी रखा जा सकता है।

अचानक बढ़ गई ठंड
सुबह से चली ठंडी हवाओं ने एक बार फिर सर्दी का अहसास कराया। इस दौरान अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते कुछ दिनों से तेज धूप निकलने के कारण दिन में गर्माहट महसूस की जा रही थी, लेकिन अचानक बदले मौसम से तापमान में गिरावट आई और ठंडक हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में शाम के समय ठंडी हवाओं के कारण लोगों ने फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लिया। बाजारों में भी मौसम बदलने का असर देखने को मिला और सामान्य दिनों की तुलना में चहल-पहल कुछ कम रही।
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मौसम बदलने से बढ़ी किसानों की चिंता
मौसम में 18 फरवरी को अचानक आए बदलाव ने सासनी में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। आलू की खोदाई में जुटे किसान बूंदाबांदी से चिंतित नजर आए। किसानों को डर है कि यदि तेज बारिश हो गई तो न केवल आलू की खोदाई लेट हो जाएगी, बल्कि इसकी क्वालिटी भी खराब हो जाएगी, जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। पिछले छह महीने से जिस फसल पर वह रात-दिन मेहनत कर रहे थे, वह बर्बाद हो जाएगी। इधर, क्षेत्र के कोल्ड स्टोरों पर आलू से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भंडारण के लिए पहुंचने लगे हैं। अलीगढ़ रोड स्थित कोल्ड स्टोरों के बाहर आलू से लदे वाहनों की कतार लगने से जाम के हालात पैदा हो रहे हैं। 

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