अलॉटमेंट सॉफ्टवेयर से चालक-परिचालकों की लगेगी ड्यूटी
अक्षम चालक-परिचालक नहीं भेजे जाएंगे रूट पर, बसें को बांटा जाएगा तीन श्रेणी में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। हाथरस डिपो बसों के सुरक्षित संचालन के लिए इन्हें ए, बी, सी श्रेणी में बांटेगा। बसें कितने किलोमीटर चली हैं, इसके हिसाब से श्रेणी का निर्धारण होगा। इसी हिसाब से चालक-परिचालक की ड्यूटी भी लगाई जाएगी।
आगरा के एत्मादपुर के निकट हुई घटना के बाद परिवहन निगम की व्यवस्थाओं में सुधार और सफर को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठा रहा है। बीते शुक्रवार को मुख्यालय स्तर पर मीटिंग हुई। यह निर्णय लिया गया कि बसों की तीन श्रेणियां होगी। इसके लिए मानक तय कर लिए गए हैं। इसके साथ ही जल्द हाथरस डिपो में अलॉटमेंट सॉफ्टवेयर के जरिए चालक-परिचालकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। 400 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए दो चालकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसकी हर रोज मॉनीटरिंग भी होगी।
इस तरह होगा श्रेणी का निर्धारण
ए श्रेणी में उन बसों को रखा जाएगा, जो चार किलोमीटर से कम चली होंगी। इन बसों पर अनुभवी व परिचालक ड्यूटी करेंगे। ड्यूटी लगाते समय पुराने रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। बी श्रेणी में चार लाख किलोमीटर से अधिक चलने वाली बसें शामिल होंगी। सी श्रेणी में लोकल रूटों पर चलने बसें शामिल की जाएंगी।
अक्षम नहीं चलेंगे रूटों पर
चालक-परिचालकों की आंखों और स्वास्थ्य का परीक्षण के लिए डिपो में कैंप लगाया जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण में जो चालक-परिचालक अक्षम पाए जाएंगे, उन्हें बस के साथ रवाना नहीं किया जाएगा। इस सिलसिले में एआरएम शशी रानी का कहना है कि उन्हें अभी इसकी पूरी जानकारी नहीं है। लिखित आदेश के अनुसार अमल किया जाएगा।