समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई है। लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपये की इस डीपीआर के तहत जिला अस्पताल परिसर का संपूर्ण ड्रेनेज सिस्टम बदला जाएगा।
हाथरस जिला अस्पताल परिसर में कई साल से व्याप्त ड्रेनेज की समस्या में सुधार आएगा। दो करोड़ 60 लाख रुपये से ड्रेनेज सिस्टम बदलेगा। साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए डीपीआर तैयार कर शासन में भेजी जा चुकी है।
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अस्पताल परिसर में अभी स्थिति बदतर है। जिला महिला अस्पताल के बाहर व आवास परिसर में हर समय जलभराव रहता है। यहां तक कि सीएमएस व सीएमओ आवास के सामने भी नालियों में पानी भर जाता है। बारिश में इमरजेंसी व जिला महिला अस्पताल के प्रवेश द्वार पर पानी भर जाता है। इससे मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है।
ड्रेनेज सिस्टम के लिए डीपीआर भेजी जा चुकी है। इससे जल भराव की समस्या दूर होगी। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से भी लोगों को लाभ मिलेगा। - डॉ. सूर्यप्रकाश,सीएमएस
सड़क से नीचा अस्पताल
जिला अस्पताल परिसर सड़क से लगभग आधा फीट नीचे पड़ जाता है। अस्पताल से सटकर नाला बना हुआ है, लेकिन पानी निकलने की बजाए नाले से पानी अस्पताल परिसर में पहुंच जाता है। नाले की समय से सफाई न होने से स्थिति खराब हो जाती है।
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तैयार हुई डीपीआर
समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई है। लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपये की इस डीपीआर के तहत जिला अस्पताल परिसर का संपूर्ण ड्रेनेज सिस्टम बदला जाएगा। इसके साथ ही परिसर को सड़क के लेवल पर लाया जाएगा, जिससे पानी न भर सके। इसके अलावा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी लगेगा। अपशिष्ट जल से जैविक व रसायनिक प्रक्रियाओं से दूषित पदार्थों को हटाया जाएगा। सकेगा।