तीन माह से मानदेय न मिलने से नाराज नगर पालिका में कार्यरत आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को एक दिवसीय कामबंद हड़ताल रखी। कर्मचारियों ने नगर पालिका में धरना-प्रदर्शन किया और चेतावनी अगर जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह आंदोलन को और तेज करेंगे।
नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष जॉनी राज ने कहा कि इन सभी समस्यायों के समाधान के लिए पूर्व में पालिका प्रशासन व ठेकेदार को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया था, लेकिन उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया। वेतन वृद्धि को लेकर नई निविदा हो चुकी है, लेकिन पालिका प्रशासन उसे लागू नहीं कर रहा है।
पालिका में 60 कर्मचारियों का वेतन फर्जी तरह से निकाला जा रहा है, जिसकी अभी तक जांच नहीं हुई है, जबकि 33 फर्जी कर्मचारियों की सूची भी पालिका प्रशासन को दी जा चुकी है। कर्मचारियों को छुट्टी भी नहीं दी जा रही है। आउटसोर्सिंग व कूड़ा कलेक्शन कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे कर्मचारी भुखमरी के कगार पर हैं और मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं।
संघ ने जल्द से जल्द नई निविदा लागू करने, कर्मचारियों को माह में चार छुट्टी देने, रुका वेतन दिलाने और फर्जी कर्मचारियों की जांच कराने की मांग की। अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह ने कर्मियों को आश्वस्त किया कि सात दिन में उनकी समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा। उन्होंने कर्मियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील भी की।
इस मौके पर सौरव चौहान, विष्णु कुमार, अनिकेत वाल्मीकि, अर्जुन वाल्मीकि, गटुआ, डेविड बकनर, गोलू वाल्मीकि, सागर, निहाल, विशाल चौहान, अर्जुन भैया, बॉबी, लवकुश, पंकज आदि अनेक कर्मचारी मौजूद थे।
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पांच हजार घरों का कूड़ा नहीं उठा
नगर पालिका के आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल के चलते सोमवार को शहर के कई गली-मोहल्लों से कूड़ा नहीं उठा। करीब पांच हजार घर इससे प्रभावित रहे। इस कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे नजर आए। गंदगी के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।