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हाथरस में कुत्तों का आतंक: 60 दिन में 8200 डॉग बाइट, एबीसी सेंटर फाइलों में कैद, दिन पर दिन बढ़ रहे हमले

Mon, 09 Mar 2026 04:24 PM IST
Chaman Kumar Sharma कमल वार्ष्णेय, अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

वर्ष 2025 में 44,684 एआरवी के इंजेक्शन और 550 लोगों को सीरम दिए गए जबकि अब तक दो महीने में जिले में 8200 एआरवी इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। वहीं 60 से अधिक सीरम का प्रयोग हो चुका है।
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गली में घूमते कुत्ते, रेबीज का इंजेक्शन लगाते चिकित्सक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस शहर की गलियों में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। रोजाना 80 से 100 लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं, लेकिन समस्या के समाधान की योजना अब भी फाइलों में अटकी हुई है। नगर पालिका बोर्ड की बैठक बार-बार निरस्त होने से पशु प्रजनन नियंत्रण केंद्र (एबीसी सेंटर) का प्रस्ताव पास नहीं हो पा रहा है।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रदेश सरकार ने निराश्रित कुत्तों पर नियंत्रण के लिए एबीसी सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए हाथरस में जलेसर रोड स्थित सीवेज फार्म पर 15,625 वर्ग मीटर भूमि चिह्नित की गई है। प्रस्ताव के अनुसार यहां प्रतिदिन 25 कुत्तों की नसबंदी और 100 कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। हालांकि नगर पालिका की बोर्ड बैठक नहीं होने से यह प्रस्ताव अब तक लंबित है। 12 नवंबर के बाद से प्रस्तावित कई बैठकें निरस्त हो चुकी हैं।

इस बीच कुत्तों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल के अनुसार पिछले साल 44,684 लोगों को एआरवी इंजेक्शन लगाए गए थे और 550 गंभीर मामलों में एंटी रेबीज सीरम देना पड़ा था। वहीं इस वर्ष दो माह में ही करीब 8200 एआरवी इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। सीएमओ डॉ. राजीव रॉय ने बताया कि डॉग बाइट के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एआरवी की पर्याप्त व्यवस्था है।

होली की छुट्टी के कारण समय से एजेंडा जारी नहीं हो सका। इसके साथ ही सभी विभागों से प्रस्ताव भी प्राप्त नहीं हुए हैं। इस कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। जल्द ही बैठक कर एबीसी सेंटर का प्रस्ताव पास कराया जाएगा।- रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस

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दिन पर दिन बढ़ रहे हमले
एक तरफ जिम्मेदार अधिकारी प्रस्ताव को फाइलों में दबाकर सो रहे हैं तो दूसरी ओर लोगों पर लगातार गलियों में घूमते कुत्तों का शिकार हो रहे हैं। पिछले सप्ताह जिला अस्पताल में सर्वाधिक 326 एआरवी इंजेक्शन लगाए गए जबकि आठ लोगों को सीरम देना पड़ा। शनिवार को 180 एआरवी इंजेक्शन लगे। इसके बाद रविवार दोपहर तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में कुत्ता काटने के 27 नए मामले सामने आए। वहीं पूरे जिले में यह संख्या 85 रही। इनमें 20 फीसदी संख्या 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की है। वर्ष 2025 में 44,684 एआरवी के इंजेक्शन और 550 लोगों को सीरम दिए गए जबकि अब तक दो महीने में जिले में 8200 एआरवी इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। वहीं 60 से अधिक सीरम का प्रयोग हो चुका है।

लोग खुद ही रखें अपना ध्यान
  • कुत्तों के व्यवहार को समझें, उन्हें उकसाएं नहीं
  • अगर कुत्ता पीछे दौड़ें तो घबराए नहीं। सुरक्षित स्थान पर रुकें व बैग आदि से दूरी बनाने की कोशिश करें। ध्यान रहे हमला न करें।
  • छोटे बच्चों को गलियों व पार्कों में अकेला न छोड़ें।
  • कुत्ते द्वारा काटने पर साबुन से घाव को धोएं।
  • अस्पताल जाकर तत्काल टीका लगवाएं।
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