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संशोधित : क्रय केंद्र पर बिचौलिया देख हैरान रह गए डीएम, दर्ज कराई रिपोर्ट

Sun, 19 Apr 2026 02:20 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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मंडी समिति में गेहूं खरीद केंद्र पर छानबीन करते डीएम। स्रोत : सूचना विभाग - फोटो : Information Department
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नमी की मार और क्रय केंद्रों पर सस्ता गेहूं बेचने को मजबूर किसानों की पीड़ा उजागर होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। कृषि उत्पादन मंडी समिति के हालात जानने के लिए डीएम अतुल वत्स औचक निरीक्षण करने पहुंचे जहां उन्होंने बिचौलियों का यह पूरा खेल देखा।
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वह यह देखकर हैरान रह गए कि कैसे एक बिचौलिया मौके पर गेहूं की फर्जी तौल कर किसान के साथ धोखाधड़ी कर रहा था। डीएम ने तत्काल उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया जिसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।




बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के चलते हाथरस सहित अलीगढ़ मंडल में काफी किसानों को नुकसान हुआ है। कटाई के बाद मंडी पहुंच रहे गेहूं में नमी की जांच की जा रही है। अगर नमी अधिक रहती है तो किसान एमएसपी के दायरे से बाहर हो सकता है। 16 अप्रैल को अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पाया कि मंडी में जिस दिन से गेहूं आना शुरू हुआ है तब से करीब 150 किसान 30 लाख घाटे में गेहूं बेच गए।
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इसमें बताया कि सीजन में 15250 क्विंटल गेहूं किसानों से खरीदा गया जिसमें 6759 क्विंटल गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों ने खरीदा। सरकार ने 2585 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी तय किया है लेकिन मंडी में नमी ज्यादा दिखाकर किसी से 200 तो किसी से 300 रुपये प्रति क्विंटल सस्ता गेहूं खरीदा गया। इस पर संज्ञान लेते हुए डीएम ने मंडी का औचक निरीक्षण करने का फैसला लिया।



17 अप्रैल को डीएम के निरीक्षण में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के क्रय केंद्र पर अनियमितताएं सामने आईं। केंद्र के लिए दुकान बी-70 आवंटित थी, लेकिन खरीद सी-34 पर की जा रही थी। मौके पर मौजूद किसान राजेश कुमार ने बताया कि वह सिकंदराराऊ क्षेत्र से 70 क्विंटल गेहूं बेचने आया है। इस पर केंद्र प्रभारी और मंडी सचिव संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।




एसडीएम की जांच में मिले सबूत
डीएम से निर्देश मिलने पर एसडीएम सदर ने मामले की जांच शुरू की जिसमें पाया कि किसान राजेश कुमार बिचौलिये के जरिये यहां आया था। बिचौलिया परिवहन ठेकेदार केशव गुप्ता का नामित कर्मचारी परविंद्र कुमार निकला। इसके द्वारा किसानों का गेहूं कम दामों पर लेकर किसानों के पंजीकरण व अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर क्रय केंद्र पर बेचा जा रहा था। क्रय केंद्रों पर इसी तरह बिचौलिये किसानों का हक मार रहे हैं। जांच में यह भी पता चला कि क्रय केंद्र प्रभारी किसान की फसल को खराब बताकर खरीदने से मना कर देते हैं। जब किसान मायूस लौटता है तो वहां मौजूद बिचौलिये उसे घेर लेते हैं। नकद में फसल खरीदकर दूसरी जगह उसकी तौल करा देते हैं और साठगांठ से क्रय केंद्र पर किसान का ही अंगूठा लगवा देते हैं। कागजात किसान के होते हैं और बैंक खाता इनका होता है। इस मामले में एफसीआई क्रय केंद्र के प्रभारी अनिल कुमार की मिलीभगत और मंडी सचिव की लापरवाही उजागर हुई है।




मंडी सचिव ने कराई रिपोर्ट दर्ज

एसडीएम सदर की जांच के आधार पर डीएम ने मंडी सचिव गौरव सिंह को निर्देश जारी किए जिसके बाद बिचौलिये परविंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। गौरव सिंह ने कहा कि परविंद्र कुमार स्वयं को किसान बताकर अवैध रूप से काम कर रहा है, जबकि वह क्रय केंद्र पर पंजीकृत किसान नहीं है और न ही कमीशन एजेंट या व्यापारी का कोई लाइसेंस उसके है। वह परिवहन ठेकेदार का कर्मचारी है, जबकि वह क्रय केंद्र पर तौल करा रहा है। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करा जांच शुरू कर दी गई है।



किसान गुमराह न हों। यदि क्रय केंद्र पर कोई समस्या आती है तो वे सीधे संपर्क कर सकते हैं। शुक्रवार को औचक निरीक्षण में परिवहन ठेकेदार का एजेंट तौल करा रहा था। इस पर क्रय केंद्र प्रभारी व मंडी सचिव कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। बाकी लोगों की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी। पूर्व में हुई खरीद की भी जांच की जाएगी। - अतुल वत्स, डीएम
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