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तहसील परिसर में रिकॉर्ड क्रमबद्ध तरीके से न मिलने पर डीएम का चढ़ा पारा

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तहसील सदर का निरीक्षण करते डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार। - फोटो : HATHRAS
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तहसील परिसर में रिकॉर्ड सही नहीं मिलने पर डीएम नाराज
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रजिस्ट्रार कानूनगो का स्पष्टीकरण तलब, डीएम ने किया तहसील सदर परिसर का निरीक्षण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। तहसील सदर परिसर का डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने गुरुवार को निरीक्षण किया। उन्होंने तहसील परिसर को साफ-सुथरा रखने और कार्यालय के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए। डीएम नेे तहसील में सीलिंग रिकार्ड अपडेट नहीं मिलने पर जिम्मेदार रजिस्ट्रार कानूनगो का स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए।
इस मौके पर डीएम ने न्यायालय कक्ष, कंप्यूटरीकृत खतौनी कक्ष, कलेक्शन रिकॉर्ड रूम, रजिस्ट्रार कानूनगो, अभिलेखागार, संग्रह, नजारत निरीक्षण किया। डीएम ने रजिस्ट्रार कानूनगो कक्ष में आरसी, मिसिलबंदी, कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका और जीपीएफ पासबुक, संबंधित रजिस्टर एवं रिकॉर्ड आदि पटलों का मुआयना कर कार्यालय रिकॉर्ड को अद्यावधिक रखने और कमियों को प्रत्येक स्थिति समय से दूर करने के लिए पटल सहायकों को कड़े निर्देश दिए।
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डीएम ने एसडीएम न्यायालय कक्ष का निरीक्षण किया। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर राजस्व न्यायालय वादों को न्यायालय कक्ष में स्थापित कंप्यूटर पर स्वयं अवलोकन किया। उन्होंने धारा 176 के वादों को चेक किया, जिस पर कुल 05 वाद ही फीड किए गये थे। जानकारी करने पर पेशकार ने बताया कि इंटरनेट की गति धीमी होने के कारण आगामी तिथि के वाद फीड नहीं किए जा सके हैं। डीएम ने तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुछ अन्य धाराओं के वादों का पोर्टल पर अवलोकन किया। हाथरस जंक्शन के अंतर्गत योजित वाद की पत्रावली को मंगवाकर चेक किया गया। पत्रावली में दिनांक सात अप्रैल 2018 साक्ष्य में लगी है, किंतु एक वर्ष का समय पूर्ण हो जाने के पश्चात भी साक्ष्य अभी तक अपूर्ण है।
डीएम ने निर्देश दिया कि जिन वादों में साक्ष्य को समय दिए जाने के पश्चात साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ऐसे वाद पत्रावलियों में 15 दिन का साक्ष्य को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए तारीख निश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा पर साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर साक्ष्य का अवसर स्वत: समाप्त हो जाएगा। उन्होंने ऐसे वादों में अधिवक्ता को अंतिम रूप से सूचित करते हुए वाद निस्तारण की कार्यवाही समय से करने के निर्देश दिए।
इसके पश्चात न्यायालय तहसीलदार कक्ष का निरीक्षण किया। जहां पर कंप्यूटर नहीं उपलब्ध होने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। जानकारी करने पर उपस्थित न्याय लिपिक ने बताया कि कंप्यूटर में खराबी आ जाने के कारण ठीक करने के लिए दिया गया है। डीएम ने कहा कि लॉगिन आईडी और पासवर्ड हमें उपलब्ध करा दें, जिससे स्वयं वादों के निस्तारण में की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी की जा सके।
डीएम द्वारा वादों से संबंधित फाइल मांगने पर नहीं उपलब्ध कराने पर नाराजगी जाहिर करते हुए वर्तमान में तैनात न्याय लिपिक को फाइलों का मिलान करने के निर्देश दिए। राजस्व निरीक्षक सुशील कुमार से तहसील में तैनात नए तथा पुराने लेखपालों की सेवा पुस्तिका तथा जीपीएफ बुक का निरीक्षण किया, जिसमें बलवीर सिंह की सेवा पुस्तिका में आदेश पत्र चस्पा किया गया था, जो कि गलत है। डीएम ने आदेश पत्र को व्यक्तिगत पत्रावली पर लगाने के निर्देश दिए। सेवा पुस्तिका पर प्रत्येक वर्ष होने वाले वेतन वृद्धि की एंट्री न होने पर नाराजगी जाहिर की।
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लेखपाल मदन मोहन की जीपीएफ पुस्तिका पर जुलाई 2017-18 के बाद भी इंट्री नहीं की गई थी। डीएम ने सभी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, जीपीएफ बुक और अन्य पत्रावलियों को पूर्ण कराने के लिए एसडीएम को निर्देश दिया। उन्होंने एसडीएम को समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। डीएम ने अभिलेखागार कक्ष का निरीक्षण किया। मोहन सिंह द्वारा बैंक देय में प्राप्त वसूली का एंट्री रजिस्टर नहीं मिलने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। इसके बाद उन्होंने विद्युत देय तथा अन्य आरसी के मिलान संबंधी पत्रावलियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण मे प्राप्त कमियों को एक सप्ताह के अंदर दूर करने के लिए कर्मियों को सख्त हिदायत दी।
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