रूस-यूक्रेन युद्ध का असर हाथरस के लाइसेंस धारकों पर पड़ रहा है। लाइसेंस में प्रयोग होने वाली चिप यूक्रेन से आती है। वहां से चिप की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण जिले में ढाई हजार लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं हुआ है। ऐसे में आवेदक परेशानी का सामना कर रहे हैं।
हाथरस एआरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन करीब 30 से 40 लाइसेंस बनते हैं। जिनमें मूल पते का बदलाव, लाइसेंस का नवीनीकरण, अन्य लाइससें की प्रक्रिया होती है। कार्यालय से आवेदकों ने लाइसेंस की प्रक्रिया को पूरा कर दिया। उसके बाद लाइसेंस को ऑनलाइन जारी करने के लिए लखनऊ भेजा जाता है।
यूक्रेन व रूस के बीच युध्द के चलते लाइसेंस में प्रयुक्त होने वाली चिप नहीं आ पा रही है। इस कारण लाइससेंस जारी नहीं हो पा रहे हैं। करीब तीन माह से ढाई हजार आवेदक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए लाइन में लगे हुए हैं। आवेदक कार्यलय के चक्कर काट रहे हैं।
इस मामले में आरआई संतोष कुमार का कहना है कि तीन माह से लाइसेंस की पेडिंग चल रही है। यूक्रेन में युद्ध के चलते लाइसेंस में प्रयुक्त होने वाली चिप की कमी हो गई। इस कारण लाइसेंस जारी नहीं हो सके हैं। धीरे धीरे पेडिंग को खत्म करने के प्रयास मुख्यालय स्तर पर चल रहे हैं।