हाथरस में शामिल हुए विस्तारित इलाकों में सात करोड़ रुपये में बिजली आपूर्ति की जाएगी। शहर सीमा में शामिल हुए गांवों को शहरी बिजली देने के लिए निगम स्तर से छह करोड़ 50 लाख व सहपऊ के लिए 48 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। हालांकि बजट जारी होने के बाद अभी कार्यदायी संस्था नामित न होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इस कारण देहात के इलाकों में रह रहे लोगों को ग्रामीण रोस्टर के हिसाब से बिजली मिल रही है।
शासन स्तर से नगर निकायों में शामिल हुए गांवों को शहरी बिजली देने के लिए खाका खींचने के साथ बजट भी जारी किया जा रहा है। सबसे पहले चरण में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर है। इसी क्रम में बिजली विभाग के अधिकारियों ने निगम स्तर पर शहर से सटे ग्रामीण इलाकों को बिजली देने के लिए शासन स्तर से हाथरस के लिए छह करोड़ पचास लाख व सहपऊ के लिए 48 लाख रुपये की राशि जारी कर दी गई है। इस राशि के आने के बाद अभी तक किसी के द्वारा टेंडर नहीं डाला जा रहा है। इस कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीण अंचल को गर्मी में राहत की उम्मीद
बिजली अधिकारियों की मानें तो जो ग्रामीण इलाके जिले की शहरी सीमा में शामिल हुए हैं। यदि कार्यदायी संस्था जल्द मिल जाती है तो इन गांवों को आने वाले दिनों में शहरी बिजली का सपना साकार होगा। इस मामले में अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि हाथरस के लिए 6.5 करोड़ और सहपऊ के लिए 48 लाख रुपये जारी किए जा चुके है। अभी तक किसी के द्वारा टेंडर नहीं डाला गया है। इस कारण टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
ट्रांसफार्मर निगम स्तर से होगी आपूर्ति
पहले बिजली विभाग ने हाथरस का 11 करोड़ व सहपऊ के लिए 50 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। जिसमें यह तय हुआ कि ट्रांसफार्मर निगम स्तर से उपलब्ध कराए जाएंगे। इसलिए बजट की राशि में कमी आ गई है। अब राशि जारी हो गई ट्रांसफार्मर भी तय हो गए, लेकिन अभी तक काम करने वालों की कमी चल रही है।