बेसिक शिक्षा विभाग में अमान्य डिग्री वाले शिक्षकों की भर्ती की परतें खुलने लगी है। शासन के निर्देश के बाद बीएसए ने इनके प्रमाण पत्रों की विभागीय कमेटी का गठन भी कर दिया है। टीम ने कार्यालय में उपलब्ध शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का अवलोकन भी शुरू कर दिया है। कमेटी के लोगों ने अब तक जिन अमान्य डिग्री वाले शिक्षकों के प्रमाण पत्रों को चेक किया है, उनमें करीब 20 शिक्षक चिह्नित किए गए हैं, जिनकी डिग्री संदेह के घेरे में है। इन पर विभागीय कार्रवाई होने की संभावना है।
डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की डिग्री लेकर शिक्षा सत्र 2005-06 के बाद के विशिष्ट बीटीसी के माध्यम से बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक बने शिक्षकों की सीडी शासन ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध करा दी है। इन शिक्षकों की बीएड डिग्री संदेह के घेरे में है। सीडी में जिले के 200 शिक्षक अमान्य बीएड डिग्रीधारी बताए गए हैं। इसके बाद बीएसए रेखा सुमन ने बीईओ मुरसान नंदित कुमार गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी अखिलेश यादव, पूर्व यूआरसी अशोक ढाकरा एवं पटल सहायकों की एक कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी को विभाग में तैनात सभी शिक्षकों की शैक्षिक प्रमाण पत्रों को चेक करने का अधिकार दिया गया है।
बीएसए ने इसके साथ ही जिले के सभी बीईओ को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने ब्लॉक के शिक्षकों के सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएं। सभी बीईओ ने भी सभी शिक्षकों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने शैक्षिक प्रमाण पत्रों को स्व हस्ताक्षरित करते हुए बीईओ कार्यालय में जमा करें, जिससे शासन के आदेश के क्रम में उनके प्रमाण पत्रों की जांच-पड़ताल पूरी की जा सके।
शासन के निर्देश पर सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। विधिवत रूप से कार्रवाई कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
रेखा सुमन, बीएसए हाथरस