गैरहाजिर चल रहे चिकित्सकों की सेवा समाप्ति के मुख्यमंत्री के आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है। लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे इन चिकित्सकों को नोटिस तो अधिकारी पहले ही भेज चुके हैं। अब जल्द ही सीएमओ अपनी आख्या डीएम को देंगे ताकि शासन स्तर पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
सोमवार को जब सीएम योगी आदित्यनाथ यहां आए थे तो उन्होंने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। वहां यह बात सामने आई थी कि जिले में चिकित्सकों का अभाव है। इस बारे में जब सीएम ने समीक्षा बैठक में पूछा तो वहां एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने उन्हें बताया कि जिले में 14 चिकित्सक गैरहाजिर चल रहे हैं। यह लंबे समय से आ नहीं रहे और इन्हें नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। इस पर सीएम ने इनकी बर्खास्तगी के आदेश दिए थे। विभागीय सूत्र बताते है कि एक चिकित्सक ने एक्सीडेंट होने की बात बताकर गैरहाजिर होने की बात कही है, तो एक ने गैरहाजिरी का कारण पीजी डिग्री करना बताया है।
यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि अपने पिता के निधन के चलते सीएमओ डॉ. ब्रजेश राठौर इस समय अवकाश पर चल रहे हैं। उनके स्थान एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार के पास कार्यभार है। एसीएमओ ने बताया कि पूर्व में स्थानीय स्तर से शासन को आख्या जा चुकी है।
अब सीएमओ के आने पर वहीं अपनी आख्या डीएम को भेजेंगे, जिससे कि शासन स्तर से गैरहाजिर चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनका यह भी कहना है कि उन्हें अभी तक किसी भी चिकित्सक ने नोटिस का जवाब नहीं भेजा है। आख्या तैयार की जा रही है।
कई तो ज्वाइंनिग के बाद से आए ही नहीं : यदि इन 14 चिकित्सकों की हाजिरी देखी जाए तो कोई छह साल से ड्यूटी से गायब है तो कोई एक साल से। यही नहीं, कोई तो ज्वाइंन करने के बाद आया ही नहीं है तो किसी ने महज तीन या चार दिन ही ड्यूटी की है। डॉ. आशुतोष ने 8 अक्टूबर को ज्वाइनिंग की और उसके बाद वह ड्यूटी करने ही नहीं आए। डॉ. प्रेरणा चंद्रा ने भी 12 फरवरी 2015 को ज्वाइनिंग की लेकिन उसके बाद ड्यूटी ही नहीं की। डॉ. कुमार अजय भी ज्वाइनिंग के बाद ड्यूटी पर नहीं आए।