छेड़खानी के मामले में गवाही देने आई पीड़ित युवती को आरोपी बर्खास्त सिपाही ने धमकया और मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाया। प्रकरण में पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए कार्रवाई व सुरक्षा की मांग की है।
कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र की युवती ने बताया कि वर्ष 2022 में एक जमीन को लेकर गांव में विवाद हो गया था। इस पर 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया था। युवती ने बताया कि पीआरवी पर एक सिपाही आया था, जो उसका नंबर ले गया था। इसके बाद से सिपाही ने उसे बातों में फंसाया तथा धमका कर कई बार दुष्कर्म किया। शिकायत की तो पुलिस ने छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
इन मुकदमों में समझौते का दबाव बनाने के लिए भाई को तमंचे में जेल भेज दिया था। जब प्रकरण की शिकायत हुई तो विस्तृत जांच की गई। मामले में सिपाही ही दोषी निकला और सिपाही को जेल जाना पड़ा। इस तरह उसके खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज हैं। युवती ने बताया कि ये सभी मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। युवती ने बताया कि इसी कारण वह पुलिस विभाग से बर्खास्त हो चुका है।
29 अप्रैल को वह एडीजे एससी-एसटी एक्ट कोर्ट में गवाही के लिए पहुंची थी। यहां आरोपी बर्खास्त सिपाही मिला और मुकदमों में समझौते के लिए उसे धमकाया। पीड़ित युवती का कहना है कि आरोपी से उसकी जान को खतरा है। इस संबंध में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की है। साथ ही जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। सीओ सिटी योगेंद्रकृष्ण नारायण ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। प्रकरण गंभीर है। युवती को सुरक्षा दी जाएगी।