जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कई दिन से चल रही जद्दोजेहद गुरुवार को दिन भर चली खींचतान के बाद देर रात फाइनल दौर में पहुंच गई।
पंचायत नियमावली के अनुसार अध्यक्ष पद पर अविश्वास प्रस्ताव के लिए 15 दिन बाद शक्ति प्रदर्शन होना तय हो गया है। हस्ताक्षर न मिलने के चलते किरकिरी करा चुके विरोधी खेमे के चारों सदस्यों ने गुरुवार सुबह डीएम के समक्ष नए शपथ पत्र प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने इन्हें स्वीकार करते हुए अगले 15 से 30 दिन के अंदर अविश्वास प्रस्ताव पर शक्ति प्रदर्शन के लिए तारीख तय करने का भरोसा दिया है।
बताते चलेें कि शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष विरोधी गुट द्वारा एडीएम सिटी के समक्ष प्रस्तुत किए गए 29 शपथ पत्रों की जांच में चार सदस्यों वार्ड छह अतरौली द्वितीय के कुंवर पाल, वार्ड 35 लोधा द्वितीय के नरेंद्र कुमार, वार्ड 36 लोधा तृतीय के सुशील कुमार एवं वार्ड 48 गंगीरी प्रथम के अनिल कुमार के हस्ताक्षर नहीं मिले थे। डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी सदस्य संख्या न होने का हवाला देते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया था। बताते चलें कि 52 वार्डों वाली जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 26 सदस्यों का एकमत होना जरूरी है। गुरुवार को इन चारों सदस्यों ने नए शपथपत्र सुबह करीब साढ़े दस बजे डीएम के समक्ष प्रस्तुत किए। डीएम ने इन सभी शपथ पत्रों को सही माना है। इसके साथ ही अविश्वास प्रस्ताव आना लगभग तय हो गया है। डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद ने बताया कि आज तीन जिला पंचायत सदस्यों ने उनसे मुलाकात कर चारों सदस्यों के नए शपथ पत्र दिए हैं, जो सही पाए गए हैं। अब अविश्वास प्रस्ताव पर बहस/बहुमत साबित करने के लिए जल्द ही तारीख घोषित कर दी जाएगी।
पूरे दिन तारीख का इंतजार किया
नए शपथपत्र देकर उत्साहित विरोधी खेेमे के सदस्य दिनभर अविश्वास प्रस्ताव की तिथि को लेकर डीएम कार्यालय की परिक्रमा करते रहे। दरअसल डीएम से मुख्यमंत्री की वीसी में व्यस्त होने और उसके बाद एक के बाद एक बैठक में शामिल होने के चलते मुलाकात नहीं हो सकी। बैठकों के बाद डीएम के कोठी पर पहुंचने के बाद सदस्य भी उनके पीछे-पीछे कोठी पहुंच गए। देर रात तक उनका डीएम से मिलने को लेकर इंतजार जारी था।
डीजीसी की तिथि का इंतजार
अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान डीजीसी की उपस्थिति अनिवार्य होती है। प्रशासन ने उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उनसे उपलब्धता की जानकारी मांगी है। उनकी उपलब्धता के आधार पर ही अविश्वास प्रस्ताव पर बहस की तिथि निर्धारित की जाएगी।
सुबह 10 बजे का समय दिया विरोधी खेमे को
जिलाधिकारी कार्यालय और आवास में रात दस बजे तक तारीख मिलने का इंतजार करते रहे विरोधी खेमे के अजीत गौड़, दिनेश एडवोकेट ने देर रात बताया कि उन्हें जिलाधिकारी ने सुबह दस बजे का समय दिया है। भरोसा दिया है कि सुबह दस बजे के बाद आपको तारीख दे दी जाएगी। हालांकि यह सदस्य आवास पर ही बिस्तर डालकर आराम करने को तैयार थे। डीएम के इस आश्वासन के बाद उन्होंने अपना इरादा बदल दिया। अब वह सुबह फिर आने की बात कहकर चले गए।
फिर कोशिश
हस्ताक्षर को लेकर किरकिरी करा चुके सदस्यों ने फिर खोला मोर्चा, डीएम को दिए नए सिरे से शपथ पत्र
डीएम जांच में सही पाए गए चारों सदस्यों के हस्ताक्षर
15 दिन के बाद व 30 दिन के अंदर होगा बहुमत तय