मोहल्ला श्रीनगर में कई दशक पुरानी जलभराव की समस्या लोगों के लिए नासूर बनी हुई है। घरों के सामने गंदा पानी भरा रहता है। जलभराव से मकानों की नींव भी कमजोर हो रही है। कई मकान चटक भी गए हैं।
आवागमन के लिए रास्ता भी नहीं है। लोगों ने गंदे पानी में ईट-पत्थर बोरा में भर कर रास्ता बना रखा है। आए दिन लोग इन रास्तों से निकलते समय गंदे पानी में गिर जाते हैं। श्रीनगर में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण ही यह समस्या आ रही है।
पिछली गर्मियों में गंदगी, जलभराव के कारण संक्रामक रोग भी फैल चुके हैं। दशकों पुरानी गंदगी, जलभराव की समस्या का नगर पालिका प्रशासन समाधान नहीं कर पाई है। लोगों ने जलभराव की समस्या को लेकर कई बार प्रदर्शन और पुतला दहन किया है।
नगर पालिका अधिकारियों को लिखित रूप से शिकायती पत्र देकर भी अवगत कराया गया है, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
- घर के सामने जलभराव व गंदगी की समस्या बीस साल से बनी हुई है। भीषण बदबू के कारण जीना दुश्वार हो गया है। ऐसा लगता है हमारी समस्या से नगर पालिका को कोई मतलब ही नहीं है।
- मेमनिस, श्रीनगर
गंदे पानी में होकर गुजरना मजबूरी है और कोई रास्ता ही नहीं है। आए दिन बच्चे व वृद्ध गंदे पानी में गिरकर चुटैल हो जाते हैं।
- शायदा, श्रीनगर
प्लास्टिक की बोरी में ईट, पत्थर भर कर गंदे पानी में डालकर रास्ता बना रखा है। नगर पालिका तो कोई सुनवाई कर ही नहीं रही। कई बार प्रदर्शन किए, पुतला भी फूंका फिर भी समस्या वैसी ही है जैसी पहले थी।
- सलमा, श्रीनगर
पिछली गर्मियों में गंदगी और सधांड़ की वजह से बीमारी फैल गई थी। नगर पालिका को जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।
- प्रभा, श्रीनगर
आचार संहिता के चलते फिलहाल कोई काम नहीं कराया जा सकता है। चुनाव के बाद यहां की समस्या दूर कराने के लिए जो संभव होगा, वह काम कराए जाएंगे।
- डौली माहौर, चेयरमैन हाथरस