भूतेश्वर महादेव मंदिर के लिए जाने वाले रास्ते पर जलभराव
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महाशिवरात्रि 18 फरवरी को धूमधाम से मनाई जाएगी। भक्त गंगा घाटों से कांवड़ लेकर आएंगे। लेकिन हाथरस की जर्जर सड़कें गंतव्य की दूरी तय करने में शिव भक्तों की परीक्षा लेंगीं। शहर के चौबे महादेव, भूतेश्वर महादेव आदि शिवालयों पर मेला का आयोजन होगा। इन मंदिरों के लिए जाने वाले रास्ते जर्जर हैं।
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शिवालयों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। शिवालयों में रंगाई-पुताई का कार्य चल रहा है। लेकिन इन शिवालयों के रास्ते दुर्दशा के शिकार हैं। सीएम महाशिवरात्रि पर्व पर कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करने की बात कह रहे हैं। वहीं, जिले के अधिकारियों का इन शिवालयों के जर्जर रास्तों की ओर ध्यान नहीं हैं।
चौबे महादेव व भूतेश्वर महादेव मंदिर की राह कठिन
शहर के चौबे वाले महादेव मंदिर पर श्रद्धालु दूर-दूर से पूजा करने के लिए आते हैं। महाशिवरात्रि के दिन यहां काफी भीड़ रहती है। कांवड़ चढ़ाने के लिए रात से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो जाता है। यह मार्ग जर्जर हालत में है। वहीं, भूतेश्वर महादेव मंदिर काफी प्राचीन है। इस मंदिर हर रोनाना सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन मंदिर के लिए जाने वाले रास्ते पर जलभराव है। भक्तों को काफी मुश्किल से अन्य मार्गों से दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं, सहपऊ के प्राकटेश्वर महादेव, मानिकपुर महाकालेश्वर महादेव, सादाबाद, हसायन आदि स्थानों के प्रमुख शिवालयों के लिए जाने वाले रास्तों की हालत भी खराब है।
चौबे वाले महादेव मंदिर को जाने वाला रास्ता जर्जर हालत में है। इस कारण गंतव्य की दूरी तय करने में खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। महाशिवरात्रि पर्व से पहले इन रास्तों में सुधार किया जाए।
-विजय कुमार, राहगीर
शहर के भूतेश्वर महादेव मंदिर के रास्ते पर जलभराव है। इस कारण अन्य रास्ते से मंदिर की दूरी तय करनी पड़ती है। कई बार पानी निकासी के निदान की मांग की गई। आज तक कुछ नहीं हुआ है।
-सुखवीर सिंह, राहगीर
शहर में अधिकांश शिवालयों के लिए जाने वाले रास्ते बदहाल हैं। मंदिर की दूरी तय करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। एक तरफ सरकार शिवभक्तों की चिंता कर रही है। वहीं जिले के अधिकारी सड़क दुरुस्त करने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-अमित कुशवाहा, राहगीर