प्रदेश सरकार की नवयुग पालिका योजना के तहत लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से शहर की सूरत संवारी जाएगी। इसके तहत डिजिटल लाइब्रेरी और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
इस संबंध में बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में नवयुग पालिका योजना के संबंध में बैठक भी हुई, जिसमें प्रस्तावित विकास कार्यों पर विस्तार से मंथन किया गया।
प्रदेश सरकार ने स्मार्ट सिटी मिशन की तर्ज पर छोटे व मध्यम श्रेणी के शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए नवयुग पालिका योजना को मंजूरी दी थी। इसमें हाथरस नगर पालिका परिषद सहित प्रदेश के 58 नगर निकायों को प्रथम चरण में शामिल किया गया है।
मार्च 2026 में इसी घोषणा हुई थी। इसके लिए नगर पालिकाओं को आबादी के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है। 1.5 लाख से अधिक आबादी वाले निकायों को विकास कार्यों के लिए अधिक बजट और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ये होंगे विकास कार्य
चयन होते ही नगर पालिका ने प्रस्ताव बनाने शुरू कर दिए थे, जोकि अब तैयार हैं। इनमें मधुगढ़ी, मुरसान गेट जैसे प्रमुख मार्गों का सुंदरीकरण किया जाएगा। चौराहों का कायाकल्प होगा और ऑनलाइन नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा। हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी व इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इधर, छह करोड़ की लागत से एबीसी सेंटर का प्रस्ताव भी इसी योजना में शामिल किया गया है। इन कार्याें को लोनिवि, सीएनडीएस और नगर पालिका कराएगी।
नवयुग पालिका योजना के तहत सरकार की मंशा के अनुरूप आधुनिकता और स्मार्ट सोल्यूशन के साथ शहर के सर्वांगीण विकास का खाका तैयार हो चुका है। जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। मंजूरी व बजट मिलते ही काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस