बाजार में बिक रहा दूध और जो दूध दूधिए के जरिए आपके यहां तक पहुंच रहा है, वह आपकी सेहत को बनाने का नहीं बल्कि बिगाड़ने का काम कर रहा है। इसका खुलासा एफडीए लैब की जांच रिपोर्ट में हुआ है। मिश्रित दूध के चार नमूने फेल हो गए हैं। इनके खिलाफ प्रशासन की ओर से नोटिस और मुकदमे की कार्रवाई की जाएगी।
दूध पीकर लोगों की सेहत बनती है, लेकिन मिलावट के दौर में अब दूध भी सेहत का दुश्मन बनता जा रहा है। जिले के विभिन्न स्थानों से लेकर भेजे जा रहे दूध के अधिकांश नमूने मानकों पर खरे नहीं उतर रहे। शनिवार को एफडीए को प्राप्त हुई, लखनऊ लैब की जांच रिपोर्ट में दूध के चार नमूने फेल हो गए हैं। निर्धारित मात्रा से कम चिकनाई कम होने की वजह से चारों नमूने अधोमानक पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि 14 फरवरी को गांव चाचपुर चंदपा के दीपक कुमार से लिया गया मिश्रित दूध का नमूना अधोमानक आया है।
25 फरवरी को अजरोई रोड सासनी स्थित एसएन डेयरी फूड्स प्रा.लि. से लिया गया स्किम्ड मिल्क का नमूना भी अधोमानक आया है। 19 दिसंबर को गांव ठूलई से महीपाल सिंह से लिया गया दूध का नमूना और सलेमपुर हाथरस जंक्शन से बनवारी लाल से लिया गया दूध का नमूना भी लैब की रिपोर्ट में अधोमानक पाया गया है। दूध में पानी की मात्रा काफी अधिक पाई गई है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं। मुकदमा की कार्रवाई भी की जाएगी।