एक्स पर शुक्रवार शाम से वायरल हुई एक कॉल रिकॉर्डिंग ने पिछले 15 दिनों से यूजीसी के नए नियमों के विरोध में चल रहे धरने की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑडियो में धरने पर बैठे राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया व उनके एक पदाधिकारी की आवाज बताई जा रही है, जिसमें आंदोलन को केवल निजी सुरक्षा लेने व क्षेत्र में भौकाल बढ़ाने का जरिया बताया जा रहा है।
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में बरेली के पूर्व नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने त्याग पत्र के कारण चर्चा में आए थे। अलंकार ने हाथरस आकर राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया के साथ इस संबंध में प्रेसवार्ता की थी। इसके बाद पंकज ने सात फरवरी को सद्भावना पैदल यात्रा निकालने तथा 12 फरवरी को दिल्ली जाकर पीएम आवास का घेराव करने की घोषणा की थी।
पुलिस प्रशासन ने इस पैदल यात्रा को निकलने से पहले ही रोक दिया था। पंकज को घर के बाहर ही नजरबंद कर लिया था, जिसके बाद से वे घर के बाहर ही धरने पर बैठे हुए हैं। 15 दिनों से चल रहे इस धरने के बीच अब उनका एक ऑडियो वायरल हो रहा है। इस ऑडियो को एक अनिल पांडेय नाम के एक्स हैंडल से पंकज धवरैया, अलंकार अग्निहोत्री व विवादों में घिरे शंकराचार्य के फोटो साथ पोस्ट किया गया है और आंदोलन की मंशा को कठघरे में खड़ा किया गया है।
ऑडियो से मची खलबली
दावा किया जा रहा है कि 6.57 मिनट का यह ऑडियो राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज व उनके आईटी सेल प्रभारी गौरव के बीच फोन पर हुई वार्ता का है। इससे खलबली मची हुई है। ऑडियो में आंदोलन के जरिये 10 तारीख से पहले पुलिस से सुरक्षा मांगने की बात की जा रही है। यहां तक कहा जा रहा है कि गनर से ही धंधा होगा और आदमी गनर के नाम पर पैसा देगा। पुलिस के लिए भी अभद्र भाषा का प्रयोग हो रहा है। बड़े-बड़े नेताओं ने बीच में फंसा दिया मुझे। 40 लोगों की मीटिंग हुई, उसमें मुझे आंदोलन का नेतृत्व दिया गया जैसी बात कही जा रही है।
आंदोलन को दबाने की साजिश है ऑडियो : पंकज
पंकज धवरैया का कहना है कि आंदोलन को दबाने के लिए यह ऑडियो साजिशन वायरल किया जा रहा है। उनका कहना है कि कॉल रिकॉर्ड देखे जा सकते हैं, उनकी इतनी देर तक गौरव से बात ही नहीं हुई। उनका कहना है कि ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में चल रहे आंदोलन से सत्तादल डगमगा रहा है। पंकज ने कहा कि वह कभी भी गनर के पक्ष में नहीं रहे। प्रशासन ने पूर्व में भी तहरीर देने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने कभी गनर नहीं चाहा। इतने बड़े आंदोलन को गनर की बात से जोड़ना गलत है। गनर मिलना उनकी आंदोलनकारी छवि को खत्म करने जैसा है। यह ऑडियो एडिट किया गया है, इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए।
ऑडियो वायरल होने की जानकारी मिली है। अभी इसकी जांच कराई जा रही है। पुलिस का काम कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखना है। इससे खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
-योगेंद्रकृष्ण नारायण, सीओ सिटी