शहर कोतवाली पुलिस ने रविवार को सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, उनके बेटे चंदन अग्रवाल, भाई राकेश अग्रवाल, भतीजे अतुल अग्रवाल और पीए दीप वार्ष्णेय के घर पर कुर्की नोटिस चस्पा किए। इस दौरान पुलिस ने माइक से कुर्की की उद्घोषणा भी की।
पुलिस की कार्रवाई देखने के लिए आसपास घरों से लोग बाहर निकल आए और सड़क पर भीड़ इकट्ठा हो गई। इंस्पेक्टर सूर्यकांत द्विवेदी ने खुद मुनादी करते हुए कहा कि अगर आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं किया तो उनकी अचल संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी।
कुर्की नोटिस चस्पा होने के बाद आरोपियाें के सामने कोर्ट में सरेंडर करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। कोतवाली पुलिस ने पूर्व विधायक और उनके बेटे के आगरा रोड स्थित आवास, भतीजे अतुल अग्रवाल के आवास विकास कॉलोनी स्थित आवास, भाई राकेश अग्रवाल के विभव नगर स्थित आवास और दीप वार्ष्णेय के पत्थरवाला बाजार स्थित आवास पर कुर्की नोटिस चस्पा किए।
पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल के घर पर पुलिस करीब ढाई बजे पहुंची। वहां एक वृद्ध व्यक्ति को छोड़कर कोई नहीं था। पूर्व विधायक के परिजन भी पुलिस की पकड़ से दूर बने हुए हैं। पुलिस ने हाथरस के अलावा सादाबाद और सहपऊ में हत्यारोपी कैलाश ठेनुआं, रवि पहलवान, रानू सिसौदिया, सौरभ, संजीव गुप्ता आदि के घर भी कुर्की नोटिस चिपकाए।
उधर, हत्यारोपियों की तलाश में सीओ इगलास पंकज श्रीवास्तव ने कई जगह दबिश दी। मालूम हो कि नौ फरवरी को बसपा समर्थक पुष्पेंद्र की हत्या मानिकपुर, सहपऊ में हुए खूनी संघर्ष के दौरान गोली लगने से हो गई थी। इस मामले में पिता रामहरि की शिकायत पर पुलिस ने पूर्व विधायक और उनके समर्थकों के विरुद्ध सहपऊ थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया था।
मामले की विवेचना सीओ इगलास कर रहे हैं। हाईकोर्ट इस मामले में बेहद सख्त है। 21 मार्च को हाईकोर्ट में सुनवाई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए की गई कोशिशों के बारे में सीओ इगलास हाईकोर्ट को अवगत कराएंगे।