जिले के विकास और सरकारी विभागों की जरूरत के लिए बजट मुहैया कराने वाली जिला योजना पिछले दो साल से तैयार नहीं हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि शासन से इस बैठक के लिए आयोजन के लिए निर्देश नहीं मिले हैं। योजना न बनने से कई विभाग न तो अपनी जरूरतों के लिए और न हीं विकास कार्याें के लिए बजट की मांग कर पाए हैं।
जिले में वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में जिला योजना समिति की बैठक नहीं हुई है। इस समिति की बैठक की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री द्वारा की जाती है। बैठक में जिले के सभी सरकारी विभागों से आने वाले बजट के प्रस्तावों को अनुमोदन दिया जाता है। साथ ही अनुमानित बजट का आकलन भी किया जाता है।
पिछले दो वर्षों से जिला योजना का प्रस्ताव न बनने के कारण विभाग अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए बजट की मांग नहीं कर सके हैं। यही नहीं विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े जो कार्य विभाग अपने स्तर से करा सकते हैं, उनके लिए भी बजट की मांग नहीं कर पा रहे हैं।
वित्तीय वर्षवार बजट की स्थिति
वित्तीय वर्ष प्रस्तावित बजट आवंटित बजट
2020-21 31147 लाख रुपये 16458 लाख रुपये
2021-22 31147 लाख रुपये 18469 लाख रुपये
2022-23 31147 लाख रुपये 15485 लाख रुपये
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जिला योजना समिति की बैठक कराए जाने के लिए शासन स्तर से निर्देश जारी किए जाते हैं। दो वित्तीय वर्ष से कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जब निर्देश आते हैं तो सभी विभागों से विकास कार्याें के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश जारी होते हैं।
-वीरेंद्र कुमार, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी।
क्या है जिला योजना
जिला योजना में सभी सरकारी विभाग अपने विभागों के उन कार्याें को शामिल करते हैं, जिनके लिए एक साथ अत्यधिक बजट की आवश्यकता होती है। इसके माध्यम से विभाग अपनी साल भर की जरूरतों के लिए भी बजट मांगते हैं। जिला योजना समिति की बैठक में इन विभागों के प्रस्तावों को अनुमोदन के बाद शासन को भेजा जाता है, जिनके आधार पर बजट जारी होता है।