कृषि वैज्ञानिक डाॅ. बलवीर सिंह के अनुसार नमी और ठंडी हवाओं के कारण कोहरे और गलन का यह दौर अभी जारी रह सकता है। ऐसे में सुबह और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
घने कोहरे के कारण हाथरस में 27 दिसंबर रात से ही दृश्यता बेहद कम हो गई, इससे वाहन रेंग-रेंगकर चलते नजर आए। इसका असर 28 दिसंबर सुबह आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी दिखाई दिया। 29 दिसंबर को भी यही हालात रहे।
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हाईवे और ग्रामीण मार्गों पर हालात खराब रहे। रात में वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट के सहारे सफर करना पड़ा। कई स्थानों पर सामने से आने वाला वाहन दिखाई न देने से हादसों की आशंका बनी रही। सुबह कोहरा छाया रहने के कारण दूध, फल और सब्जी लेकर आने वाले वाहन देरी से शहर पहुंचे, जिससे बाजारों में खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों को इंतजार करना पड़ा।
कोहरे के साथ बढ़ी गलन और ठिठुरन ने लोगों को बेहाल कर दिया। सुबह-सुबह घर से निकलने वालों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग ठंड से अधिक प्रभावित नजर आए। सर्द हवाओं के चलते लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में चहल-पहल कम रही।
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कृषि वैज्ञानिक डाॅ. बलवीर सिंह के अनुसार नमी और ठंडी हवाओं के कारण कोहरे और गलन का यह दौर अभी जारी रह सकता है। ऐसे में सुबह और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने भी लोगों को ठंड के मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि सर्दी, खांसी और सांस से जुड़ीं समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए गर्म कपड़े पहने, गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें और बाहर निकलने से बचें।