राजा महेंद्र प्रताप ने 1906 में कोलकाता में कांग्रेस के अधिवेशन में भाग लिया तथा इस सम्मेलन में उन्होंने स्वदेशी और स्वावलंबन का संकल्प लिया। विदेशी कपड़ों की होलियां जलवायीं।
समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन ने राज्यसभा में राजा महेंद्र प्रताप को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पूरे देश में उनका नाम बहुत सम्मान के साथ लिया जाता है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सहित उन्होंने कई शैक्षणिक संस्थाओं को दान दिया, फिर भी कभी ये अपेक्षा नहीं की कि उनका नाम किसी पट्टिका पर लिखा जाए।
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राजा महेंद्र प्रताप ने 1906 में कोलकाता में कांग्रेस के अधिवेशन में भाग लिया तथा इस सम्मेलन में उन्होंने स्वदेशी और स्वावलंबन का संकल्प लिया। विदेशी कपड़ों की होलियां जलवायीं। वह बिना पासपोर्ट के ही इटालियन जहाज से लंदन पहुंच गए और वहां से स्विट्ज़रलैंड और इटली होते हुए जर्मनी पहुंचे। वह पूरी दुनिया में 32 वर्ष तक घूमकर हिंदुस्तान की आजादी के पक्ष में अलख जगाते रहे। सुमन ने राजा महेंद्र प्रताप को महान त्यागी तपस्वी बताया।