हाथरस के बागला जिला अस्पताल में 25 की जगह 13 डॉक्टर ही यहां हैं। काॅर्डियोलाॅजिस्ट, स्किन स्पेशलिस्ट, पैथोलाॅजिस्ट, चेस्ट फिजीशियन, सर्जन और ऐनेस्थियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इसका असर जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
हाथरस जिला अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता के लिए एक बार फिर शासन से मांग की गई है। जिले की प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बाबत स्वास्थ्य निदेशालय लखनऊ को पत्र भेजा गया है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना दो से ढाई हजार मरीज पहुंच रहे हैं। 25 की जगह 13 डॉक्टर ही यहां हैं। काॅर्डियोलाॅजिस्ट, स्किन स्पेशलिस्ट, पैथोलाॅजिस्ट, चेस्ट फिजीशियन, सर्जन और ऐनेस्थियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इसका असर जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक का बोझ मौजूद डॉक्टरों पर है और ओपीडी में अधिक संख्या के कारण मरीजों को डॉक्टरों को दिखाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल अथवा गंभीर रूप से बीमार मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ अलीगढ़ अथवा आगरा के लिए रेफर किया जा रहा है।
एक बार फिर से स्वास्थ्य निदेशालय को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि अगले कुछ सप्ताह में जिला अस्पताल में कुछ और डॉक्टरों की तैनाती कर दी जाए। फिलहाल उपलब्ध संसाधनों से जिला अस्पताल में बेहतर सेवाएं देने का प्रयास जारी है। -डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस