शेर सिंह ने बताया कि तन्नू उनकी पांचवीं संतान थी। बड़ी बेटी कीर्ति 12 वर्ष की है, जबकि परिवार में आठ वर्षीय बेटा, छह वर्षीय बेटी और चार वर्षीय बेटा भी हैं। उनका कहना है कि कीर्ति के जन्म से पहले उनके चार बेटों की भी कम उम्र में मौत हो चुकी है।
सिकंदराराऊ के गांव नाई नगला ताहर के एक ही परिवार में पांचवीं संतान की मौत ने सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का आरोप है कि टीकाकरण के बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इससे इन्कार करते हुए आनुवंशिक कारणों से मौत होने की आशंका जताई है। इसकी पुष्टि के लिए विभाग ने एक विशेष टीम गठित कर जांच के आदेश दिए।
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गांव निवासी शेर सिंह पुत्र डोरीलाल के अनुसार, उनकी नौ माह की बेटी तन्नू को 20 जून को गांव के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित सरकारी टीकाकरण सत्र में पेंटा-2 टीका लगाया गया। आरोप है कि करीब 18 घंटे बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। उन्होंने मामले की शिकायत डीएम और सीएमओ से की है। शेर सिंह ने बताया कि तन्नू उनकी पांचवीं संतान थी। बड़ी बेटी कीर्ति 12 वर्ष की है, जबकि परिवार में आठ वर्षीय बेटा, छह वर्षीय बेटी और चार वर्षीय बेटा भी हैं। उनका कहना है कि कीर्ति के जन्म से पहले उनके चार बेटों की भी कम उम्र में मौत हो चुकी है। परिजनों के अनुसार, इन बच्चों की मौत जन्म के 10 से 30 दिन के भीतर हुई थी।
टीका पूरी तरह सुरक्षित, बाकी नौ बच्चे भी ठीक : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वेदप्रकाश का कहना है कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। टीका की एक शीशी में 10 खुराक होती हैं। टीकाकरण के दौरान इस बच्ची के साथ साथ और बच्चों को खुराक दी गई जो फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं। कहीं से किसी प्रतिकूल प्रभाव की सूचना नहीं मिली है। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि इस परिवार में पहले भी कई बच्चों की कम उम्र में मौत हुई है। ऐसे में किसी आनुवंशिक बीमारी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।
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आज गांव पहुंचेगी विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष जांच टीम गठित की है। सीएमओ के अनुसार टीम सोमवार को गांव पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर परिवार के सदस्यों की चिकित्सीय एवं आनुवंशिक जांच भी कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।