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Hathras News: मृत युवक का लावारिस मानकर किया अंतिम संस्कार, परिजनों ने लगाया पुलिस पर लापरवाही का आरोप

Thu, 22 May 2025 06:11 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

मृतक के भाई ने पुलिस पर आरोप लगाया कि मोबाइल से सिम निकालकर दूसरे मोबाइल में डालकर किसी को भी इस दुर्घटना की सूचना दे सकते थे। बाइक के नंबर को भी ट्रेस करके सूचित किया जा सकता था। उन्हें इस बात का दुख है कि पूरा परिवार होते हुए भी उनके भाई को लावारिस समझकर जला दिया गया।
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मृतक मुकेश कुशवाहा - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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सहपऊ कस्बा के मोहल्ला होली गेट निवासी 38 वर्षीय मुकेश कुशवाहा पुत्र बाबूराम कुशवाहा की दुर्घटना में मौत हो गई। पुलिस ने शव की 72 घंटे तक शिनाख्त नहीं हाेने पर लावारिस के रूप में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। परिजन ने पुलिस पर उनकी पहचान कराने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

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मुकेश 14 मई की शाम को अपनी पत्नी को बुलाने सादाबाद की कूपा गली में बाइक से गए थे। रास्ते में उनकी बाइक को सादाबाद-जलेसर मार्ग पर नगला केसरी के पास अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह बुरी तरह घायल हो गए। पुलिस ने पहले उन्हें सीएचसी सादाबाद भेजा। वहां से गंभीर हालत में आगरा भेज दिया। 

आगरा में उसी रात उनकी मौत हो गई। इधर, दुर्घटना के दूसरे दिन जब वह सुसराल से नहीं लौटे तो परिजनों ने सुसराल फोन करके जानकारी की। वहां से पता चला कि वह तो यहां आए ही नहीं हैं। उनकी पत्नी भी सुसराल आ गई। परिजनों ने 17 मई को कोतवाली सहपऊ में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद इस मोहल्ले के कुछ युवक बुधवार शाम को सादाबाद से लौट रहे थे तो उनको नगला केसरी पर एक घर के सामने क्षतिग्रस्त बाइक खड़ी दिखाई दी। 
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युवकों ने बाइक को पहचान लिया। उन्होंने जिस घर के बाहर बाइक खड़ी थी, वहां रहने वालों से इसके बारे में पूछताछ की। वहां एक वृद्धा ने उन्हें दुर्घटना के बारे में बताया। युवकों ने मुकेश के परिजनों को सूचित किया और सादाबाद कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने उनको मृतक का मोबाइल फोन दिया और पूरी जानकारी दी। मृतक के भाई निरंजन और कृष्णमुरारी ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस के पास उनके भाई का मोबाइल था। 

वह मोबाइल से सिम निकालकर दूसरे मोबाइल में डालकर किसी को भी इस दुर्घटना की सूचना दे सकते थे। बाइक के नंबर को भी ट्रेस करके सूचित किया जा सकता था। उन्हें इस बात का दुख है कि पूरा परिवार होते हुए भी उनके भाई को लावारिस समझकर जला दिया गया। मृतक ने अपने पीछे पत्नी के अलावा एक पुत्र और तीन पुत्रियों को रोते-बिलखते छोड़ा है। सीओ हिमांशु माथुर का कहना है मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। जिसकी भी लापरवाही पाई जाएगी, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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