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Hathras News: सुंदरीकरण के एक साल बाद ही गिरी दाऊजी मंदिर की दीवार, निर्माण पर उठ रहे सवाल

Sat, 29 Jun 2024 05:45 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

किला परिसर के एक बड़े टीले पर दाऊजी मंदिर है। टीले के एक ओर पानी का रिवास हुआ। जिसके चलते टीले की मिट्टी अंदर ही अंदर गीली हो गई। 27 जून की रात अचाकन ये मिट्टी के साथ दीवार दो जगह से गिर गई। दीवार पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया सुंदरीकरण का कार्य भी ध्वस्त हो गया।
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दाऊजी मंदिर के छज्जे की दिवार गिरने के चलते मौके पर पहुंचे अधिकारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पुरातत्व विभाग से संरक्षित किला स्थित एतिहासिक मंदिर श्री दाऊजी महाराज परिसर की दो दीवार बारिश में गिर गई। इन दीवारों का करीब एक साल पहले ही सुंदरीकरण का कार्य हुआ था। पुरातत्व विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दीवारों का तत्काल निर्माण शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।

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किला परिसर के एक बड़े टीले पर दाऊजी मंदिर है। टीले के एक ओर पानी का रिवास हुआ। जिसके चलते टीले की मिट्टी अंदर ही अंदर गीली हो गई। 27 जून की रात अचाकन ये मिट्टी के साथ दीवार दो जगह से गिर गई। दीवार पर पुरातत्व विभाग द्वारा किया गया सुंदरीकरण का कार्य भी ध्वस्त हो गया। जानकारी होने पर पुरातत्व विभाग आगरा व मथुरा के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मलबे से लाल पत्थर अलग कर काम शुरू कराया। इस दौरान अधिकारियों ने दीवार को तत्काल दोबारा बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी। क्योंकि दीवार न बनने से कभी भी टीले की और अधिक मिट्टी गिर सकती है।

निर्माण पर उठाए जा रहे सवाल
दाऊजी मंदिर के पुजारी व समाजसेवियों ने पुरातत्व विभाग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेवायत पुजारी ने लाल पत्थर में से पानी के रिसाव होने के कारण दीवार गिरने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर कुछ एक समाजसेवियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

पुरातत्व विभाग की ओर से बेहद लापरवाही बरती जा रही है। मंदिर परिसर का पानी की निकासी को पुरातत्व विभाग ने बंद कर दिया। इसलिए सारा पानी मंदिर के नीचे भर रहा है। पुरातत्व विभाग इस ओर ध्यान न देना भारी पड़ सकता है।-दीपेंद्र चतुर्वेदी, सेवायत पुजारी, दाऊजी मंदिर, हाथरस।

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दाऊजी मेलों को सरकारी लोगों ने मजाक बना दिया है। निर्माण कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है, जो काफी भारी पड़ रही है। हो सकता है कि निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार भी हो जिसका नतीजा सामने आया है।-अनिल बौहरे, आशु कवि, वरिष्ठ समाजसेवी।
जैसे ही घटना की सूचना मिली हमने मौके पर आकर स्थिति को देखा है। दीवार गिरने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। मलबा हटाकर रास्ता साफ कराया जा रहा है। दीवार को तत्काल दोबारा बनाया जाएगा, जिससे टीले की मिट्टी आगे न खिसके।-डीवाईएसएई, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, आगरा।

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