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दिलेरी: 40 मिनट तक रोके रखी बदमाशों की कार

Mon, 27 Nov 2017 01:54 AM IST
अमर उजाला, हाथरस
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रूई की मंडी में कार सवार विनोद जाट को घेरता रिटायर्ड फौजी। - फोटो : अमर उजाला
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रिटायर्ड फौजी लोकेंद्र गौतम ने जान पर खेलकर बदमाशों की कार को रुई की मंडी में रोका था। बदमाशों के पास अवैध असलहे थे। वह  इस दौरान किसी की भी जान ले सकते थे। 
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  यही नहीं रिटायर्ड फौजी और उसके भांजे ने बदमाशों की कार रोकने के बाद पुलिस के आने तक कुख्यात विनोद जाट को भागने नहीं दिया और 40 मिनट तक रोके रखा। स्थानीय लोगों ने भी लोकेंद्र का साथ दिया और आरोपी विनोद जाट को भागने नहीं दिया। सादाबाद में मई-बिलारा रोड पर एक नवंबर को बाइक सवार कारोबारी को टक्कर मारकर स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने आठ लाख रुपये लूट लिए थे। लोकेंद्र गौतम उस समय कारोबारी के साथ बाइक पर पीछे बैठे थे। इसी कारण उन्होंने बदमाशों की स्कार्पियों को पहचान लिया। 


वेबसाइट देखकर बदलता था नंबर प्लेट
एसपी सुशील घुले ने बताया कि विनोद जाट पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। पुलिस की कार्यशैली से वाकिफ होने के साथ ही विनोद हाईटेक तरीके से लूट और अपहरण की वारदाताें को अंजाम देता था। वह कारों को लूटने के बाद पुराने सामानों को बेचने वाली प्रमुख वेबसाइट पर उसी मॉडल की कार को सर्च करता था। उनके नंबर की प्लेट बनवाकर रख लेता था, ताकि पकड़े जाने पर अगर कोई नंबर सर्च करे तो वह उसी मॉडल की कार का निकले। एसपी ने बताया कि 28 अक्तूबर को वृंदावन से स्कॉर्पियो कार लूटने के बाद वेबसाइट पर उसी मॉडल की कारों के नंबर देखकर चार नंबर प्लेटें बनवाई गईं। एक नवंबर को चांदी कारोबारी सुखवीर से सादाबाद में लूट के दौरान कार पर जो नंबर प्लेट लगा रखी थी, वही नंबर प्लेट शनिवार को कार पर लगी हुई थी। विनोद जाट हाथरस आने पर नंबर प्लेट बदलना भूल गया था। इसी नंबर को देखकर रिटायर्ड फौजी ने कार को पहचान लिया था।
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हवाला कारोबारियों को लूटने में माहिर
एसपी ने पत्रकारों को बताया कि विनोद जाट ने हवाला कारोबार करने वाले कई कारोबारियों के साथ लाखों की लूट को अंजाम दिया है। हवाला का रुपया होने के कारण ऐसे मामलों में एफआईआर नहीं कराई गई। विनोद ने साल 2014 में थाना पिलुआ, एटा के पास होंडा सिटी में सवार हवाला कारोबारी से 15 लाख रुपये लूटे। वहीं इसी साल एक और हवाला कारोबारी से 65 लाख रुपये लूटे गए। इस साल थाना सिकंदरा, आगरा से इनोवा कार लूटी। इस साल झांसी के दो व्यापारियों का अपहरण कर 25 करोड़ की फिरौती हवाला के जरिए मांगी। मथुरा में जमुनापार से क्रेटा गाड़ी और आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में इनोवा कार लूटने का भी आरोप है।

चांदी कारोबारी के नौकरों ने की थी मुखबिरी
एसपी घुले सुशील ने बताया कि सादाबाद में एक नवंबर को हुई चांदी कारोबारी सुखवीर के साथ हुई आठ लाख रुपये की लूट के मामले में सुखवीर के यहां काम करने वाले दुर्गेश और अजीत निवासीगण नगला छत्ती ने विनोद को मुखबिरी की थी। वृंदावन से लूटी गई स्कॉर्पियो कार से विनोद ने सुखवीर के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। जिस समय लूट की गई, उस समय सुखवीर के साथ रिटायर्ड फौजी भी मौजूद था। इस मामले में सतीश और विनोद के साथी पिंटू जाट व पिंटू का साथी फरार है। एसपी ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी।

पुलिस से खुद ही बोला, मैं विनोद जाट हूं
एसपी घुले सुशील ने बताया कि यह किसी को नहीं पता था कि पकड़ा गया शख्स कुख्यात विनोद जाट है। लोकेंद्र को केवल यह पता था कि कार लूट में इस्तेमाल की गई है, लेकिन उसके अंदर मौजूद आरोपी के बारे में उन्हें भी कुछ पता नहीं था। विनोद जाट की कोई नई तस्वीर पुलिस के पास मौजूद नहीं होने के कारण पुलिस भी काफी देर तक उसे पहचान नहीं सकी। रुई की मंडी में खुद को गांव कोटा निवासी विकास बताकर लोगों को गुमराह करने वाले आरोपी ने पुलिस की पूछताछ शुरू होने से पहले ही बता दिया कि वही विनोद जाट है, जिसकी तलाश में तीन राज्यों की पुलिस लगी हुई है।
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