हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए लगी यात्रियों की भीड़
- फोटो : संवाद
पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन व सोमवती अमावस्या पर ब्रजमंडल के तीर्थस्थलों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन के अलावा बदायूं के कछला गंगा घाट के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालु रवाना हुए। ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। हाथरस सिटी स्टेशन पर आरपीएफ व जीआरपी को भीड़ को संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
सोमवती अमावस्या के मद्देनजर सोमवार को सुबह से ही स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। अत्यधिक भीड़ को देखते हुए जीआरपी और आरपीएफ की टीमें पूरी तरह अलर्ट थीं। सुबह साढ़े बजे आई फर्रुखाबाद-कासगंज पैसेंजर (55331) और अछनेरा-कासगंज पैसेंजर (55340) में भारी भीड़ रही। इसके अलावा सुबह सात बजे पहुंची गांधीधाम मेला स्पेशल और सुबह नौ बजे वाली कासगंज-आगरा फोर्ट पैसेंजर ट्रेन में भी मथुरा जाने वाले यात्रियों की जबरदस्त धक्का-मुक्की देखी गई। हालात यह थे कि ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों को आपातकालीन खिड़कियों का सहारा लेना पड़ा।
चलती ट्रेन से धक्का लगने पर बुजुर्ग का हाथ टूटा
भीड़ के कारण हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। हरदोई के रहने वाले बुजुर्ग वैद्यनाथ किला स्थित मंदिर में दर्शन करने और अपनी रिश्तेदारी में आए थे। सुबह स्टेशन पर उतरते समय किसी यात्री का धक्का उन्हें लग गया। चलती ट्रेन से गिरने के कारण वह सीधे ट्रैक के नीचे आने से तो बच गए, लेकिन उनके सीधे हाथ में फ्रैक्चर हो गया। मौके पर मौजूद जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनके हाथ पर प्लास्टर चढ़ाया गया।
धार्मिक स्थलों पर उमड़ी भीड़
सोमवती अमावस्या पर मांट स्थित ऐतिहासिक भांडीर वन में भी मेले का आयोजन होता है। इस पवित्र स्थल पर श्रद्धालु वेणु कूप में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं। राधा-कृष्ण की इस विवाह स्थली के दर्शन कर पुण्य कमाते हैं। इस बार भी भांडीर वन जाने के लिए श्रद्धालुओं की स्टेशन पर भीड़ रही।