नियति की मार से किसान की फसल ही नहीं उजड़ी, बल्कि उसके सपनों को तोड़ दिया है। हाथरस के गांव गिजरौली में, एक किसान की छोटी बहन की शादी की तैयारियों पर बारिश ने पानी फेर दिया है।
किसान धर्मेन्द्र सिंह उर्फ कन्हैया ने रुंधे गले से बताया कि वह पांच भाई और तीन बहनें हैं। दो बहनों और सभी भाइयों की शादी हो चुकी है, लेकिन घर की सबसे छोटी और सबकी लाडली बहन की शादी आगामी 25 अप्रैल को तय है।
इस बार 50 बीघा खेत में खड़ी लहलहाती गेहूं की फसल को देख सोचा था कि इसे बेचकर आई रकम से उसकी शादी धूमधाम से करेंगे, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल गिर गई।
जैसे-तैसे 60 रुपये प्रति बीघा के भारी खर्च पर गेहूं की कटाई कराई, अब कटा हुआ गेहूं खेतों में पड़ा है, जो एक या दो बार नहीं, बल्कि छह बार गेहूं बारिश में भीग चुका है। हर बार मजदूरों से गेहूं को पलटवाया ताकि वह सूख जाए, लेकिन हर बार आसमां से बरसती आफत ने हमारी मेहनत को गीला कर दिया। अब तक फसल की निकासी नहीं हो पाई है।
धर्मेंद्र का कहना है कि जो अरमान थे, वे सब बारिश के पानी में बह गए हैं। अब पूरा परिवार शादी की तैयारियों के बजाय फसल को बचाने की जद्दोजहद में लगा है। उनकी बस एक ही प्रार्थना है कि किसी तरह बहन के हाथ पीले हो जाएं।