गांव के गरीबों के लिए आवंटित केरोसिन को कालाबाजारी से बचाना ही हरेंद्र के लिए काल बन गया। सालपुर की घटना में टप्पल पुलिस का रोल बेहद लापरवाही का रहा।
फोन पर दी गई सूचना के बावजूद पुलिस नहीं पहुंची तो खुद हरेंद्र ने ग्रामीण बैंक के समीप कोटे के केरोसिन से लदा ट्रैक्टर पकड़ लिया। यह बात सरकारी राशन की कालाबाजारी से जुड़े लोगों को नागवार गुजरी।
उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें हरेंद्र की मौत हो गई जबकि उसके साथ मौजूद ग्रामीण राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गया।
खास बात यह है कि जब हरेंद्र ने केरोसिन लदे ट्रैक्टर को रोका और आवाज लगाई तो उसके पिता बदन सिंह, मां सत्यवीरी, भाई ओमप्रकाश, चचेरा भाई पवन भी उसकी ओर दौड़े लेकिन पीछे से आए हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की जिससे वह हरेंद्र की जान न बचा सके।
इस घटना में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस की भूमिका पर ग्रामीणों ने जबर्दस्त आक्रोश है। शुक्रवार को हरेंद्र के शव का अंतिम संस्कार किया गया। गांव में तनाव की स्थिति है। उधर तनाव को देखते हुए घटना के बाद से गांव में पुलिस तैनात है।
बताते चलें कि मृतक हरेंद्र ग्राम प्रधान चौधरी कर्मवीर सिंह के छोटे भाई थे। उनके पिता बदन सिंह ने थाना टप्पल में राहुल पुत्र संजीव, रिंकू पुत्र ओमप्रकाश निवासी नागर, ब्रजपाल पुत्र रविकरन निवासी सालपुर, प्रमोद व जयसिंह पुत्र जग्गन, सुभाष पुत्र रामकिशोर निवासी बरकीगढ़ी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं एसओ टप्पल राजीव यादव के अनुसार आरोपी राहुल, रिंकू व ब्रजपाल को गुरुवार रात को ही गिरफ्तार कर लिया है।