हाथरस। उत्तर-मध्य रेलवे के स्टेशन हाथरस जंक्शन पर महाप्रबंधक के निरीक्षण की तैयारियों को लेकर ट्रैक के नजदीक पेंट कर रहे दो मजदूरों की विक्रमशिला एक्सप्रेस की चपेट में आकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जीआरपी ने दोनों के शवों का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ राज्य के रहने वाले थे और यहां ठेके पर काम करते थे।हाथरस जंक्शन की जीआरपी चौकी के प्रभारी राजीव कुमार और आरपीएफ चौकी प्रभारी मेघराज मीणा ने बताया कि उत्तर-मध्य रेलवे के जीएम का 11 मार्च को स्टेशन पर दौरा होना है। इसे लेकर रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक के विभिन्न प्रतीकों की पेटिंग कराने का काम किया जा रहा है। 30 वर्षीय जीवनलाल पुत्र रामबृज निवासी भंवरा ढाड़ पोस्ट बिहारपुर जिला सरगूंजा छत्तीसगढ़ और 35 वर्षीय मान प्रसाद पुत्र रतन सिंह निवासी भैरो खाद पोस्ट मकरोहर थाना मढ़ा जिला सिंहरौली छत्तीसगढ़ रेलवे ट्रैक के पास पेंटिंग का काम कर रहे थे। इस दौरान अप ट्रैक पर कानपुर से दिल्ली जा रही विक्रमशिला एक्सप्रेस वहां से गुजरी। दोनों मजदूरों ने ट्रेन के आने की भनक तक नहीं लगी। ट्रेन दोनों को काटती हुई निकल गई। जीआरपी ने शव के टुकड़ों को एकत्रित किया। इनके साथ काम कर रहे दूसरे लोग भी वहां आ गए। दोनों के परिजनों को हादसे के बारे में सूचना दे दी गई है।
ट्रैक पर काम करने वालों की सुरक्षा रामभरोसेहाथरस। तो क्या मजदूरों की जान इतनी सस्ती है कि काम करने से पूर्व उन्हें कोई यह बताने वाला नहीं है कि कब रेलवे ट्रैक से कौन सी ट्रेन गुजरेगी। क्या सच में मजदूरों को यह नहीं पता था कि जिस लाइन पर वह खड़े हैं वहां से कोई ट्रेन से गुजरने वाली है। ऐसे कई सवाल हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों की जुबां पर थे। खुद आरपीएफ अधिकारियों का कहना था कि कुछ समय पूर्व भी ठेकेदार की लेबर प्लेटफॉर्म के पास काम करते समय मालगाड़ी की चपेट में आने से बची थी। उस समय उन्होंने मालगाड़ी को देखकर लेबर को वहां से बहुत तेजी से भागकर हटाया था। इसके बाद उन्होंने ठेकेदार से पूछा था कि उनकी कितनी लेबर यहां काम करती है और उसकी सुरक्षा का क्या इंतजाम हैं, लेकिन आज तक कुछ नहीं बताया गया। इसे लेकर ठेकेदार और आरपीएफ में विवाद भी हुआ। लेबर से बेहद असुरक्षित ढंग से काम कराया जाता है।
यह दोनों मजदूर जिस ट्रैक पर काम कर रहे थे, उससे उसी समय एक ट्रेन गुजर रही थी। वह दूसरे ट्रैक पर जाकर खड़े हो गए। तभी वहां भी ट्रेन आ गई और इसी गलतफहमी में यह हादसा हुआ है।-आरके शर्मा, स्टेशन अधीक्षक हाथरस जंक्शन