हाथरस में दो महिलाओं के पकड़े जाने के बाद मौके पर लगी लोगों की भीड़।
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शहर के मोहल्ला सीयलखेड़ा में शुक्रवार सुबह लोगों ने दो महिलाओं को बच्चा चोरी करने के शक में पकड़ लिया। कुछ लोगों ने महिलाओं के साथ मारपीट भी की। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों महिलाओं को थाने ले आई। इनमें से एक महिला गर्भवती भी बताई जा रही है। जांच के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने बताया कि महिलाओं को लोगों ने गलतफहमी में पकड़ा था। महिलाएं मोहल्ले में घरों से खाने का सामान मांगने गई थीं। पुलिस ने इस मामले में गर्भवती महिला की पिटाई करने के आरोपियों के विरुद्घ कोई कार्रवाई नहीं की है।
दरअसल शुक्रवार को अलविदा की नमाज से पहले नगला सिंघी की दो महिलाएं सीयलखेड़ा स्थित गौसियान मस्जिद के बराबर गली में मुस्लिम घरों से खाने का कुछ सामान मांगने पहुंची थीं। पुलिस के मुताबिक इसी समय घर के बाहर खेल रहे पांच साल के मासूम को दो किशोरी अपने साथ ले जाने लगीं। मासूम के विरोध करने पर किशोरी उसे छोड़कर चली गईं। यह साफ नहीं हो सका कि वह बच्चे को जबरन ले जा रही थीं या यूं ही खिलाने के लिए उन्होंने बच्चे को गोद में लिया। किशोरियों के जाने के बाद बच्चे ने अपने परिजनों को दो लड़कियों के जबरन गोद में उठाने की बात बताई।
परिजनों ने घर के बाहर निकलकर मोहल्ले के लोगों को इकट्ठा किया और आसपास दोनों आरोपियाें को तलाशना शुरू कर दिया। परिजनों को एक घर के बाहर दो महिलाएं खड़ी दिखाई दे गईं जो कुछ सामान मांगने के लिए खड़ी थीं। इनमें से एक महिला गर्भवती भी बताई गई है। लोगों ने बिना सोचे इन महिलाओं पर बच्चे को अगवा करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए इन्हें बच्चा चोर गैंग की सदस्य बता दिया। कुछ लोगों ने महिलाओं के साथ मारपीट भी शुरू कर दी। इस मारपीट में महिला का गर्भपात भी हो सकता था।
सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को थाने ले आई और महिला थाने ले जाकर दोनों से पूछताछ की गई। पुलिस ने मोहल्ले के कई लोगों से इस बारे में बात की। जांच के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि महिलाओं को गलतफहमी में पकड़ा गया था। कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। अभी तक की जांच में गलतफहमी में महिलाओं को पकड़े जाने की बात सामने आई है।