कोतवाली मुरसान क्षेत्र के गांव करील में मंगलवार की सुबह आगरा की एसटीएफ की टीम ने छापा मारा। टीम ने अवैध असलहों की बिक्री का कारोबार करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से चार पिस्टल 32 बोर, दो कारतूस और एक खोखा बरामद किए हैं। एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान इन युवकों के सात साथी भागने में सफल रहे। इनकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की टीम लगातार दबिश दे रही है।
एसटीएफ की टीम की अगुवाई कर रहे निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि उनको लंबे समय से मुरसान क्षेत्र में अंतरराज्यीय अवैध असलहों की मंडी लगने की सूचना मिल रही थी। इस दौरान वह अपनी टीम के साथ हाथरस आए। उनको जानकारी मिली की करील में अवैध असलहों की मंडी लगती है, जहां गांव के कई असलहा तस्कर मुंगेर और मध्य प्रदेश से तस्करी कर लाए गए असलहों की प्रदर्शनी लगाकर बेचते हैं।
वह गांव करील में अपनी टीम के साथ छिपते-छिपाते पहुंचे। उन्होंने सुबह का उजाला होने का इंतजार किया। समय करीब 5.30 बजे के आसपास उजाला होने पर लगा। गांव के आठ-नौ लोग बंद पड़े भट्टे में जो रमेश पंडित का है, उस पर इकट्ठे होने लगे। इसके अलावा भी करीब 8-10 नाजायज असलहा खरीदार इकट्ठे हो गए। मुखबिर ने इशारा करके बताया कि यही वह असलहा तस्कर हैं। पुलिस वालों ने दीवार की आड़ लेकर छिपकर देखा, जहां असलहा खरीदार तस्करों के साथ वार्ता कर रहे थे।
इसमें मुंगेर की पिस्टल के 40 हजार रुपये एवं मध्य प्रदेश की पिस्टल 35 हजार रुपये में दिए जाने की बात चल रही थी। यह देखकर पुलिस दल ने असलहा खरीदार और तस्करों को बुलंद आवाज में ललकारा और आत्म समर्पण के लिए कहा। यह देखकर इन लोगों ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायर किया। पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में अपना नाम संदीप सिंह निवासी करील बताया। उसके दाहिने हाथ से एक पिस्टल 32 बोर बरामद की, जिसकी नाल में एक कारतूस खोखा फंसा था। दाहिनी जेब में दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। एक पिस्टल इसकी जेब से एवं 200 रुपये नकद बरामद हुए।
पकड़े गए दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम रिंकी निवासी करील बताया। इसके कब्जे से भी दो पिस्टल बरामद हुईं। इन दोनों भागे हुए तस्करों के नाम हंबीर, तेजू, पप्पू, अमित, आशीष, मूला कुम्हार, संजू ये सभी बड़े स्तर के तस्कर हैं। जो अलग-अलग राज्यों में असलहों की तस्करी करते हैं। जेल भी जा चुके है। एसटीएफ की टीम में एसआई मुनेश बाबू, मनीष कुमार उपाध्याय, राकेश सिंह, अरविंद राना, बल्देव सिंह पचहरा, ब्रजराज, अंकित गुप्ता, रवेंद्र सिंह आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।