सिकंदराराऊ/हसायन (हाथरस)। थाना हसायन के गांव सिंधौली में शुक्रवार की रात्रि शराब के साथ जहरीला केमिकल मिलाकर पीने से चार लोगों की हालत बिगड़ गई। इनमें से दो की अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। एक की आंखोें की रोशनी चली गई, जबकि एक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस घटना से जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। सीओ सिकंदराराऊ ने भी गांव पहुंचकर पूरे मामले की छानबीन की। सीओ का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही तय हो सकेगा कि दोनों की मौत अत्यधिक शराब पीने या फिर किसी केमिकल की वजह से हुई है।
बता दें कि गांव निवासी प्रेमकुमार उर्फ पप्पू पुत्र तालेवर सिंह (45 वर्ष) और राजेंद्र सिंह पुत्र अभिलाक सिंह (65 वर्ष) शुक्रवार की रात्रि को शराब पी रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार किसी ने उन्हें छोटी बोतल में बंद सफेद रंग का तरल पदार्थ दिया और उसको मिला कर पीने से नशा बढ़ने की बात कही। बताते हैं कि इन दोनों ने पौव्वे में थोड़ा तरल पदार्थ मिला लिया और उसे पी गए।
इतनी देर में गांव मीरपुर निवासी महेंद्र सिंह मिस्त्री भी वहां आ गए तो उन्हें रोक लिया और कहा कि थोड़ी तुम भी पी लो। मिस्त्री ने पहले से ही शराब पी रखी थी, इसलिए उसने थोड़ी ही पी। इतनी देर में सिंधौली गांव निवासी पप्पू जाटव भी आ गया। उसे भी थोड़ी शराब पिला दी गई। इसके बाद चारों अपने घर चले गए और सो गए। शनिवार की सुबह प्रेम कुमार और राजेंद्र की तबियत खराब हो गई।
प्रेमकुमार का बेटा सोमेंद्र दोनों को लेकर सिकंदराराऊ आया, जहां से उन्हें अलीगढ़ ले जाया गया। मेडिकल कॉलेज में आईसीयू तक जाते-जाते प्रेम कुमार की मौत हो गई। पुत्र प्रेम कुमार का शव गांव ले आया और रविवार की प्रात: अंतिम संस्कार कर दिया गया। इधर, मेडिकल कॉलेज में राजेंद्र की भी मौत हो गई। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
रविवार की शाम को उसका शव गांव आने पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस बीच दूसरे गांव मीरपुर निवासी महेंद्र सिंह की तबियत खराब हुई तो उसे पिलुआ जिला एटा के चिकित्सक के यहां ले जाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उसकी आंखों की रोशनी चली गई है। पप्पू की हालत प्राथमिक उपचार के पश्चात खतरे से बाहर बताई गई है।
सीओ राकेश वशिष्ठ का कहना है कि पीएम रिपोर्ट के बाद ही मालूम हो सकेगा कि मौत का कारण क्या रहा। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बोतल में सफेद रंग का पदार्थ क्या था, इसकी सही जानकारी तो पप्पू ही दे सकेगा। मामले की तहकीकात करने पहुंचे हसायन एसओ नरेंद्र सिंह को ग्रामीणों ने बताया कि गांव में केवल ठेके की ही शराब लोग पीते हैं। कच्ची शराब कहीं नहीं बनती।
सिंधौली गांव में इन चारों लोगों ने शराब की शक्ल में ऐसा केमिकल पीया था, जोकि गुलाब जल की फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होता है, जिससे यह दुर्घटना हुई है। केमिकल आखिर कौन सा था, इसकी विभागीय स्तर से भी जांच कराई जा रही है।
-केपी सिंह, आबकारी निरीक्षक
सिंधौली में दोनों लोगों की मौत की वजह शराब नहीं है। जैसा कि बताया गया है कि उन लोगों ने शराब के साथ कोई घातक केमिकल इस्तेमाल किया है, जिससे यह हादसा हुआ है। उन्होंने क्या पीया, यह जांच का विषय है। उसके बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा।
-हुकुम सिंह, जिला आबकारी अधिकारी हाथरस