हाथरस। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की कार के हादसे का शिकार होते ही एस्कॉर्ट के रूप में साथ चल रही चंदपा पुलिस ने वायरलैस पर इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी। हादसे की खबर मिलते ही अधिकारियों में खलबली मच गई।
घायलों को जब तक चंदपा पुलिस जिला अस्पताल लेकर पहुंची, तब तक हाथरस गेट पुलिस उसकी मदद को वहां मौजूद थी। इमरजेंसी को अलर्ट कर दिया गया था। सीएमएस डॉ. एमएल अग्रवाल खुद अप्रिन पहनकर इमरजेंसी में मौजूद थे। घायलों का उपचार तेजी से शुरू हो गया। अस्पताल के ज्यादातर डॉक्टर इसी काम में जुट गए। कुछ देर बाद सीओ नरेंद्र देव इमरजेंसी पहुंचे और घायलों का हाल जाना। कुछ देर में ही सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह आ गए। हादसे के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरुण सिंघल पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में रुके हुए थे। डीएम अविनाश कृष्ण और एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा भी गेस्ट हाउस पहुंच गए। एडीएम धर्मेंद्र सिंह, अलीगढ़ के एडीएम प्रशासन संजय चौहान, एसडीएम सदर केहरी सिंह, सीओ सिटी प्रीति सिंह भी यहां पहुंची। इसके बाद सिंघल दंपति घायलों का हाल जानने जब अस्पताल आए तो उनके साथ पूरा प्रशासनिक अमला नजर आया। सिंघल के अलीगढ़ रवाना होने तक अधिकारियों की हवाइयां उड़ी रहीं।
सिंघल ने कहा, हेलमेट ने बचाई जान
जिला अस्पताल में ड्राइवर और गनर से मिलने के बाद जब मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरुण सिंघल चले तो पत्रकारों ने उनसे हादसे के बारे में पूछा। सिंघल ने हादसे के बारे में बताया और कहा कि बाइक सवार ने हेलमेट लगा रखा था। इस कारण उसे हैड इंजुरी नहीं हुई। अगर वह हेलमेट नहीं लगाता होता तो उसकी जान चली जाती। एक पत्रकार ने जब यह पूछा कि हादसे में किसकी गलती रही तो सिंघल ने कहा कि बाइक सवार ने ही उलटी दिशा में बाइक मोड़ दी थी, जिससे हादसा हुआ।
घायल बाइक सवार से नहीं मिले सीईओ
हाथरस। मुख्य निर्वाचन अधिकारी जिला अस्पताल में अपने घायल गनर और ड्राइवर का हाल देखने पहुंचे। दोनों का उपचार वीआईपी रूम में चल रहा था। सिंघल हादसे में बुरी तरह घायल बाइक सवार से नहीं मिले और ना ही किसी अधिकारी ने उससे मिलने की जरूरत समझी। प्रवीन पुत्र राजपाल टप्पल के आतिशबाजी मोहल्ला का रहने वाला है। वह आगरा में नौकरी करता है और गुरुवार सुबह बाइक से आगरा जा रहा था। हादसे में उसकी बाइक पूरी तरह टूट गई है। हादसे में उसे सबसे ज्यादा चोट आई है। अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भी प्रवीन की हालत गुरुवार शाम तक गंभीर बनी हुई थी।