कासगंज के मोहनपुरा चौराहे के निकट हुई लूटपाट की घटना के बाद शहर के किराना व्यापारी प्रमोद कुमार अग्रवाल और सुनील कुमार अग्रवाल के परिवार अभी तक दहशत में हैं। इन परिवारों में अभी तक इस घटना का खुलासा नहीं होने से पुलिस के प्रति गुस्सा भी है। पहले दिन भी व्यापारियों की सूचना पर उनके सहयोगी तो बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन एक से डेढ़ घंटा बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों से बातचीत की। कासगंज पुलिस की ढिलाई से मिले इस पर्याप्त समय का बदमाशों ने पूरा फायदा उठाया और वह आसानी से निकल गए।
हाल ही में हाथरस और आसपास के जिलों के व्यापारियों के साथ हुई लूटपाट की ताबड़तोड़ घटनाओं ने व्यापारियों का विश्वास कानून व्यवस्था से पूरी तरह से डिगा दिया है। बदमाश लगातार अपने नापाक इरादों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिसिया तंत्र उनके सामने नाकारा नजर आ रहा है। कासगंज में जिले के व्यापारियों के साथ हुई घटना इसका प्रमाण पत्र है। हाथरस ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों में भी हाथरस के कारोबारियों के साथ पिछले दो महीने के भीतर लूट की कई बड़ी वारदातें हो चुकी हैं, जिससे व्यापारी अब कारोबार के सिलसिले में दूसरे जिलों में आने-जाने से भी डरने लगे हैं।
कासगंज में लूट का शिकार हुए प्रमोद कुमार अग्रवाल का कहना है कि सरकार भले ही प्रदेश में बदल गई हो, लेकिन पुलिस का रवैया अब भी वही है। व्यापारी ने कहा कि अगर पुलिस उनकी सूचना को गंभीरता से लेती और लुटेरों की तलाश में कांबिग की जाती तो निश्चित रूप से दबोचा जा सकता था। उन्होंने कहा कि सोमवार को भी पुलिस ने इस मामले में कोई सार्थक कदम नहीं उठाए है। जो पुलिस की लापरवाही समझने के लिए काफी है।