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किंदौली के ग्रामीणों ने घेरा थाना

Tue, 15 Mar 2016 11:58 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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हाथरस। गांव किंदौली के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार रात को थाना हाथरस गेट का घेराव किया। ग्रामीण रावत कॉलोनी में हुई वृद्धा की हत्या और लूटपाट के शक में गांव के युवक को हिरासत में लेने का विरोध कर रहे थे। ग्रामीण देर रात तक थाने के बाहर जमे रहे। हालांकि अधिकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक पूछताछ पूरी नहीं हो जाती, युवक को नहीं छोड़ा जाएगा। 
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वृद्धा की हत्या के बाद मौके पर पहुंची डॉग स्क्वायड कई किलोमीटर दूर गांव किंदौली में इस युवक के घर तक पहुंच गई थी। पुलिस को देखते ही युवक ने दौड़ लगा दी थी। पुलिस को युवक के हत्या और लूटपाट में शामिल होने का शक है। पुलिस अधिकारियों को पूछताछ में अभी तक कोई खास कामयाबी नहीं मिली है, इसलिए वह अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि युवक के वारदात में शामिल होने का पूरा अंदेशा है, इसलिए संदिग्ध युवक से पूछताछ जारी है। जल्द ही थाना पुलिस खुलासे के करीब होगी। 
वहीं युवक के परिजन मंगलवार शाम तक थाने के बाहर डेरा जमाए हुए थे। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने बेवजह ही युवक को अवैध रूप से हिरासत में रखा है। उसकी पिटाई की जा रही है। वह बेकसूर है। डॉग स्क्वायड के उनके घर पहुंचने मात्र से युवक को कसूरवार नहीं ठहराया जा सकता। 
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इंस्पेक्टर राजेश्वर प्रसाद त्यागी का कहना है कि बड़ी वारदात के बाद संदिग्ध लोगों से हमेशा ही पूछताछ की जाती है। इस केस में डॉग स्क्व ॉयड ने अहम भूमिका निभाई है, इसलिए खोजी श्वान से मिले किसी भी सुराग को हल्के में नहीं लिया जा सकता। युवक से केवल पूछताछ की जा रही है। पिटाई का आरोप गलत है। जल्द ही पूछताछ के खत्म होने के बाद संदिग्ध युवक को छोड़ दिया जाएगा। 
मालूम हो कि रावत कॉलोनी में रहने वाली अलीगढ़ के थाना क्वार्सी के गांव दारापुर की मूल निवासी वृद्धा लीलावती की हत्या कर बदमाश लाखों के जेवर और नकदी लूट ले गए थे। 

खुलासे को बनाई गईं कई टीमें
हत्याकांड के  खुलासे के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति बनाई है। एसपी के निर्देश पर कई टीमाें का गठन किया गया है। एसओजी को भी लगाया गया है। पुलिस हिरासत में लिए गए संदिग्ध युवक के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह बाकी आरोपियों के संपर्क में था या नहीं। अपराधी दूसरे जिलों से भी हो सकते हैं, इसलिए पड़ोसी जिलों की एसओजी से भी मदद मांगी गई है।
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