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तीन ई-रिक्शा चालकों की हत्या का पर्दाफाश

Sat, 19 Aug 2017 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस। 
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शहर के तीन ई-रिक्शा चालकों की हत्या से पर्दा हटाने में नाकाम रही हाथरस पुलिस को अलीगढ़ की थाना क्वार्सी पुलिस ने बड़ी राहत दे दी है। 15 अगस्त को अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र में एक ई-रिक्शा चालक का गला रेतते हुए रंग हाथ दबोचे गए दो आरोपियों ने पूछताछ में हाथरस में हुई तीन ई-रिक्शा चालकों की हत्या में अपना हाथ होना स्वीकार किया है। आरोपी इस तरह की सात वारदातों को अंजाम दे चुके थे। वह कम उम्र के किशोर ई-रिक्शा चालकों को अपना शिकार बनाते थे और लूटे गए ई-रिक्शों को महज 14 हजार रुपये में अलीगढ़ के शाहजमाल इलाके में अमजद नाम के शख्स को बेच दिया करते थे। पुलिस अमजद की तलाश में इन दिनों दबिश दे रही है।  
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गला रेतकर ही की थी सोनू की हत्या
मोहल्ला श्रीनगर निवासी सोनू उर्फ गौस मोहम्मद (18) पुत्र सगीर ई-रिक्शा चलाता था। 18 जनवरी की दोपहर सोनू खाना खाकर घर से गया था, जिसके बाद नहीं लौटा। 23 जनवरी को कोटा रोड स्थित बंबा के पास उसका गला कटा शव मिला था। पकड़े गए आरोपियों ने सोनू की हत्या की बात भी स्वीकार की है। सोनू को आरोपियों ने मथुरा रोड के लिए बुक किया और फिर उसे बम्बे के किनारे ले जाकर उसका गला रेत दिया।

लक्ष्मण को तालाब चौराहे से किया था बुक 
एएसपी अरविंद कुमार के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों शाहिद मोहम्मद पुत्र जान मोहम्मद निवासी मौलाना आजाद नगर, थाना क्वार्सी और मुजाहिद अली उर्फ भूरा पुत्र नन्हे खां निवासी इस्लामाबाद भट्ठा, मैरिस रोड ने बताया कि चार नवंबर 2016 को सुरंगपुरा निवासी ई-रिक्शा चालक लक्ष्मण पुत्र रामवीर की हत्या उन्होंने ही की थी। लक्ष्मण सब्जी बेचने मंडी गया और लौटकर घर नहीं पहुंचा था। नहर के पास उसका शव मिला था, लेकिन ई-रिक्शा नदारद था। आरोपियों ने लक्ष्मण को तालाब चौराहे से बुक किया था और फिर उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ दे दिया था। इसी दिन शाम को पांच बजे लक्ष्मण का गला रेतकर वह ई-रिक्शा लूट ले गए थे।  
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पोस्टमार्टम हाउस पर की अंकित की निर्मम हत्या  
पोस्टमार्टम हाउस पर 27 मई की रात 16 वर्षीय अंकित पुत्र धर्मपाल निवासी कांशीराम कॉलोनी का कंकाल मिला था। 23 मई को अंकित ई-रिक्शा के साथ लापता हुआ था। हत्या के बाद पोस्टमार्टम हाउस के पीछे ही केमिकल डालकर उसके शव को जलाया गया, जिससे वह कंकाल बन गया। परिजनों ने कपड़े व बेल्ट से उसकी शिनाख्त की। शरीर के अवशेषों का पोस्टमार्टम कराया गया था। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने अंकित की हत्या किए जाने की बात  स्वीकार की है। हालांकि कोतवाली पुलिस इस मामले में जल्दबाजी में अंकित के पड़ोसी परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के मुताबिक उसके पड़ोसी कपिल के पास अंकित का मोबाइल मिला था। कपिल के अलावा उसकी मां सत्यवती, पिता सुरेंद्र रिक्शे में बैठकर अंकित के साथ गए थे।  
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