जिला अस्पताल में बच्ची के गले से फंसी सिंदूर की डिब्बी निकालते चिकित्सक और आशा कार्यकर्ता।
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घर में छोटे बच्चों की देखरेख में जरा सी लापरवाही से उनकी जान जा सकती है। ऐसी ही घटना कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव दादनपुर में बुधवार सुबह हुई। घर में खेलते हुए एक साल की मासूम बच्ची खुशी पुत्री शशी कुमार ने सिंदूर की डिब्बी गटक ली। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों के बच्ची को मृत घोषित करने पर माता-पिता जोर-जोर से रोने लगे। इसी दौरान वहां पहुंची आशा कार्यकर्ता ने बच्ची के गले में उंगली डालकर फंसी हुई सिंदूर की डिबिया निकाल दी। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टरों ने बच्ची के गले से डिब्बी निकालने की कोशिश नहीं की, अगर ऐसा किया होता तो बच्ची की जान बच सकती थी।
वहीं जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. पीके श्रीवास्तव का कहना है कि बच्ची की मौत पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद भी डॉक्टरों ने डिब्बी निकालने की पूरी कोशिश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। परिजन जब बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे तब तक उसकी नब्ज जा चुकी थी।