सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दो नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मुख्य आरोपी लक्ष्मण को कोतवाली पुलिस ने रविवार को उस समय दबोच लिया जब वह बाइक से मथुरा से हाथरस होते हुए अलीगढ़ भाग रहा था। लक्ष्मण के साथ दोनों छात्राओं को भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण दोनों लड़कियों को बेचने की फिराक में था। पुलिस ने लड़कियों का डॉक्टरी परीक्षण कराया है। इसके बाद इनके कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। हालांकि इस मामले में कुल नामजद छह आरोपियों में से चार को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
सदर कोतवाल मनोज शर्मा के मुताबिक बीते बुधवार की रात को लक्ष्मण अपने भतीजे की जन्मदिन पार्टी के बहाने से परिजनों को गुमराह कर दोनों सहेलियों को मेला दिखाने ले गया और इसके बाद उसी रात को बाइक से उन्हें मथुरा ले गया था। यहां रातभर वह दोनों को बाइक पर घुमाता रहा।
इसके बाद वृंदावन में एक आश्रम के बाहर कुछ देर रुका और फिर राया पहुंच गया। राया के बाद सादाबाद भी गया और फिर मथुरा आ गया। सर्विलांस की मदद से पुलिस को लगातार अपराधी प्रवृत्ति के लक्ष्मण की लोकेशन मिल रही थी। रविवार को जब वह मथुरा से हाथरस की ओर आ रहा था तो उसे दबोचने के लिए एक पुलिस टीम को ओढ़पुरा चौराहे पर तैनात कर दिया गया। सादा कपड़ों में पुलिस के जवानों ने लक्ष्मण को रोकने की कोशिश की तो उसने रेलवे फाटक की ओर बाइक भगाने की कोशिश की।
लड़कियां उसके पीछे बैठी हुई थीं। ट्रेन के आने का समय हो रहा था। फाटक बंद था। लक्ष्मण की बाइक तेजी से फाटक के बैरियर से टकरा गई। इससे उसके पैर में जबरदस्त चोट लगी। बाइक पर पीछे बैठी एक छात्रा के पैर में भी गंभीर चोट आई। इस बीच पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक लक्ष्मण पांच महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। दोनाें लड़कियों को वह पिछले कई दिनों से बहला-फुसला रहा था।
इनमें से एक लड़की लक्ष्मण के पड़ोस में किराए पर रहती थी। वह उसे चाचा कहती थी। इसी रिश्ते का फायदा उठाकर उसने इस लड़की से नजदीकियां बढ़ाईं और फिर इसकी सहेली के संपर्क में भी आ गया। लक्ष्मण ने लड़कियों को लेकर अपने जेल के साथियों से फोन पर बात भी की थी। इस बातचीत का रिकॉर्ड पुलिस के पास है। तलाशी में लक्ष्मण के पास से एक तमंचा और दो कारतूस मिले हैं। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त बाइक को भी बरामद कर लिया है।