पुलिस की पिटाई से घायल टेंपो चालक चोट दिखाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
हाथरस। एक दरोगा पर शनिवार सुबह तालाब चौराहे के पास एक टेंपो चालक को बुरी तरह पीटने का आरोप है। चालक के हाथ में फ्रेक्चर है। आक्रोशित टेंपो चालकों ने इसके विरोध में सुबह कई घंटे तक हाथरस-रुहेरी के बीच टेंपो नहीं चलने दिए। सभी चालक इकट्ठा होकर थाना हाथरस गेट भी पहुंचे, लेकिन उनकी शिकायत पर गौर नहीं किया गया। चालकों का कहना है कि अगर उनकी शिकायत दर्ज नहीं हुई तो वह आंदोलन करेंगे।
हाथरस से रुहेरी के बीच टेंपो चलाने वाले किंदौली निवासी चांद पुत्र आजाद ने बताया कि मंदिर राम दरबार के बाहर टेंपो लाइन से खड़े थे। दारोगा बाइक पर आए और पूछा कि टेंपो नंबर से लगे हैं या नहीं। इस पर उन्हें बताया गया कि टेंपो नंबर से लगे हैं। आरोप है कि इसके बावजूद वह उबल पड़े और चालक को बाहर खींचकर पीटना शुरू कर दिया। यह देख आसपास खड़े ऑटो चालक इकट्ठे हो गए। इनमें से कुछ ने विरोध करते हुए कहा कि पुलिस चाहे तो ऑटो वालाें का चालान कर सकती है, इस तरह बेरहमी से पीटना गैर कानूनी है।
थाने पहुंचे ऑटो चालकों ने कहा कि हर महीने प्रत्येक चालक से ठेकेदार 400 रुपये पुलिस को देने के लिए लेता है। इसके अलावा 40 रुपये रोज ऑटो चालकों को देने होते हैं। हर महीने करीब दो हजार रुपये प्रत्येक से अवैध रूप से वसूल किए जाते हैं। इसके बाद भी पुलिस वालाें की तमाम बेगार उन्हें करनी होती है। शवों को रखकर ले जाने, आरोपियों को मेडिकल और पेशी के लिए ले जाने पर कभी पुलिस उन्हें पैसा नहीं देती।
दरोगा का कहना है कि टेंपो के कारण तालाब चौराहे पर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई बार सड़क हादसे भी हो जाते हैं। टेंपो वालों को पहले ही हिदायत दी गई थी। ऑटो में डंडा मारा गया था, जो भूलवश चालक के हाथ में लग गया। पिटाई करने और वसूली करने के आरोप सरासर गलत हैं।
टेंपो वाले थाने आए थे। उन्होंने केवल इतना कहा था कि इस तरह के वाकये नहीं हों। उन्होंने किसी तरह की कार्रवाई की मांग नहीं की थी। इस संबंध में कोई लिखित शिकायत भी नहीं दी गई है।
--एमएस भाटी, एसएसआई, थाना हाथरस गेट