सहपऊ (हाथरस)। क्षेत्र के गांव नगला सलेम में एक किशोर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव रविवार की सुबह उसके कमरे में साड़ी से गले में फंदा डालकर लटका हुआ मिला। किशोर घर पर अकेला ही रहता था। उसके दो भाई उसके पिता के साथ गुजरात में गाड़ी चलाने को काम करते हैं। तीसरा मैनपुरी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा है। उसकी मां की 14 साल पहले संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है। तब उसकी उम्र केवल नौ महीने की थी।
नगला सलेम निवासी मेघ सिंह के चार पुत्र थे। पिता मेघ सिंह अपने पुत्र धर्मेंद्र और नरेंद्र के साथ गुजरात में गाड़ी चलाते हैं। तीसरा पुत्र कृष्णा मैनपुरी के एक कॉलेज में वहीं रहकर पढ़ाई कर रहा है। रविवार को सुबह टहलकर लौट रहे कुछ लोगों ने मेघ सिंह के कमरे का दरवाजा खुला देखा तो अनायास ही वह उसमें झांकने लगे। कमरे का दृश्य देखकर वह भौचक्के रह गए। कमरे में मेघ सिंह का सबसे छोटे पुत्र गौरव (14 वर्ष) का शव कमरे में लगे एक पंखे पर लटका हुआ था। इन लोगों ने गांव में अन्य ग्रामीणों को इस घटना की सूचना दी।
घर के अन्य सभी सदस्यों के बाहर होने के कारण ग्रामीणों ने सबसे पहले उसके पिता को सूचना दी। सोमवार की सुबह मृतक के पिता के आने के बाद ही इस घटना का खुलासा हुआ। सूूूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और पिता द्वारा लिखित में प्रार्थना पत्र देने पर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता का कहना है कि उसके पुत्र की हत्या कर दी गई है और हत्यारों ने उसको आत्महत्या दर्शाने के लिए उसके शव को पंखे पर लटका दिया है। इससे पहले उसके पत्नी की भी 14 साल पहले हत्या कर दी गई थी। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीश चंद्र का कहना है कि शव के पोस्टमार्टम बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हत्या है या आत्महत्या।