ग्रामीणों द्वारा जाम लगाने के बाद जीटी रोड पर वाहनों की कतार।
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जीटी रोड पर एटा की ओर गांव उमरावपुर के निकट बेकाबू मेटाडोर ने पैदल जा रहे ताऊ और भतीजे को कुचल दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने रोड पर जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। कोतवाली सिकंदराराऊ पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन लोग जाम खोलने को तैयार नहीं थे। बाद में मौके पर पहुंचे एसडीएम केहरी सिंह ने किसान दुर्घटना बीमा योजना से मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर करीब दो घंटे बाद जाम खुलवाया। मेटाडोर को एटा जिले की पिलुआ थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान पकड़ लिया।
गांव उमरावपुर निवासी रनवीर सिंह (70 वर्ष) पुत्र नौबत सिंह अपने भतीजे सतेंद्र सिंह (30 वर्ष) के साथ दोपहर में खेत काटकर घर लौट रहे थे। गांव के पास वह सड़क पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी अलीगढ़ की तरफ से तेज गति से आ रही मेटाडोर ने दोनों को रौंद दिया। दोनों की घटनास्थल पर मौत हो गई। दुर्घटना के बाद मेटाडोर चालक घबरा गया और तेज गति से मेटाडोर एटा की तरफ लेकर भाग गया। घटनास्थल पर थोड़ी ही देर में सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर आ गए और अवरोध लगाकर रोड जाम कर दिया।
दुर्घटना के पश्चात कोतवाली पुलिस की सूचना पर मेटाडोर को एटा की थाना पिलुआ पुलिस ने बैरियर डालकर चेकिंग के समय पकड़ लिया। कड़ी धूप में जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव भी गांव पहुंच गईं और पीड़ितों को ढांढस बंधाया। एसडीएम और तहसीलदार ने दुर्घटना बीमा क्लेम का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया।